कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद क्रिकेट टूर्नामेंर्टों को खाली स्टेडियमों में आयोजित कराने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि कई दिग्गज इससे इत्तेफाक नहीं रखते. जो इत्तेफाक नहीं रखते उन्हीं में से एक हैं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर. तेंदुलकर का कहना है कि जब मैं खाली स्टेडियमों में मैच आयोजित कराने के बारे में सुनता हूं तो इससे मुझे निराशा होती है. भला हो भी क्यों नहीं क्योंकि तेंदुलकर जब क्रीज पर होते थे तो स्टेडियम में चारों ओर से उनके नाम की गूंज जो सुनाई देती थी. Also Read - World Environment Day 2020: इन आइडियाज के साथ इस बार घर पर रहकर ही मनाएं विश्व पर्यावरण दिवस

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कोरोनावायरस के कारण मैचों को खाली स्टेडियमों में खेलने पर विचार किया जा रहा है लेकिन इस दिग्गज बल्लेबाज के लिए यह एक विकल्प नहीं है. Also Read - कोरोना: भारत में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले, संक्रमितों की संख्या 2 लाख सात हज़ार पार

तेंदुलकर ने पीटीआई से कहा, ‘खाली स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक होगा. ऐसे कई मौके आते हैं जबकि खिलाड़ी दर्शकों की मांग के अनुसार खेलते हैं. अगर मैं अच्छा शॉट खेलता हूं और दर्शक उसकी सराहना करते हैं तो आपको भी ऊर्जा मिलती है.’

उन्होंने कहा, ‘इसी तरह से एक गेंदबाज शानदार स्पेल करता है और दर्शक उस पर तालियां बजाते हैं तो इससे बल्लेबाज पर एक तरह का दबाव बनता है और उसे उससे बाहर निकलना होता है. दर्शक किसी भी खेल के अहम अंग हैं. उनका उत्साहवर्धन, आपके पक्ष में या खिलाफ उठने वाला शोर खेलों में बेहद जरूरी है.’

‘खिलाड़ी कुछ समय तक सतर्क रहेंगे’

तेंदुलकर शुक्रवार को 47 साल के हो जाएंगे. जनजीवन सामान्य होने के बाद क्रिकेट जगत बदली हुई परिस्थितियों से कैसे सामंजस्य बिठाएगा, इस सवाल पर तेंदुलकर ने कहा, ‘जहां तक (गेंद को चमकाने के लिए) लार के उपयोग का सवाल है तो खिलाड़ी कुछ समय तक सतर्क रहेंगे. यह बात उनके दिमाग में रहेगी. जब तक यह घातक वायरस रहता है तब तक सामाजिक दूरी के नियमों का अनुकरण होना चाहिए.’

तेंदुलकर ने कहा, ‘अपने साथियों को गले लगाने से कुछ समय के लिए बचना होगा. मैं ऐसा चाहूंगा. वे सामाजिक दूरी बनाए रख सकते हैं.’ यही कारण है कि वह खेल गतिविधियां शुरू करने से पहले वह पूरी तरह सामान्य स्थिति चाहते हैं.

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तेंदुलकर ने कहा, ‘आप ऐसे माहौल में खेलना चाहते हैं जो सुरक्षित हो. मेरा अब भी मानना है कि हर किसी को सतर्क रहना होगा और इससे वाकिफ होना चाहिए कि हम किस चीज से प्रभावित रहे हैं. मैं यूनिसेफ के सदभावना दूत के रूप में अच्छी स्वच्छता का महत्व ही लोगों को बताता हूं.’ गौरतलब है कि कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में डेढ़ लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है जबकि 20 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं.