नई दिल्ली: पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया की चयन समिति पर सवालिया निशान लगाया है. सचिन ने मंगलवार को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत में कई एथीलिट्स को शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाते हैं. क्यों कि चयनकर्ता अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं. वो चयन प्रक्रिया में औपाचारिकता निभाते हैं. भारत के पूर्व खिलाड़ी सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में ‘मिशन यंग एंड फिट इंडिया’ कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे. Also Read - लॉकडाउन में बुर्जुग पिता कर रहे इस भारतीय विकेटकीपर की प्रैक्टिस में मदद

Also Read - जसप्रीत बुमराह ने लसिथ मलिंगा के लिए कहा कुछ ऐसा कि सुनकर गदगद हो जाएगा 'यॉर्कर किंग'

सचिन ने भारत के स्पोर्ट्स सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा, ”भारत में कई एथीलिट्स करियर के शुरुआती दौर में ही खत्म हो जाते हैं, क्यों कि चयनकर्ता अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभाते हैं. वो चयन प्रक्रिया को महज औपचारिकता समझते हैं. भारत का खेल प्राधिकरण इसके लिए जिम्मेदार है.” Also Read - शुरुआत में लगा कि ठीक हूं लेकिन अब असहज महसूस कर रहा हूं : आर अश्विन

हैदराबाद इस खिलाड़ी को दिखायेगा बाहर का रास्ता, चेन्नई की प्लेइंग इलेवन में भी होगा बदलाव

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘यहां मैंने टूर्नामेंट्स में ट्रायल मैचों के दौरान कई बार ऐसा देखा है. मैंने कई चयनकर्ताओं को देखा है कि वो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं. उनके इस व्यवहार की वजह से कई प्रतिभाशाली लड़के और लड़कियां नजरअंदाज हो जाते हैं. हमारा स्ट्रक्चर को अभी बहुत ज्यादा सुधारने की जरूरत है. अगर खेल को एकेडमिक एज्युकेशन में शामिल किया जायेगा तो काफी कुछ बदलेगा.”

VIDEO: खेल मंत्री ने विराट कोहली को दिया ‘पुश अप चैलेंज’, फिट हो तो करके दिखाओ

सचिन का कहना है कि हमारा समाज खेल को बढ़ावा नहीं देता और इसके बावजूद वह खिलाड़ियों से मेडल की अपेक्षा करता है. उन्होंने कहा, ”सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है और इसकी शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए. इसके साथ खेल पर ध्यान की जरूरत है. अगर ऐसा होगा तब आपके एथीलिट्स मेडल लेकर आयेंगे. हर कोई चाहता है कि भारत मेडल्स जीते. लेकिन इसके लिए तैयार कहां है?”