नई दिल्ली: वनडे मैचों में हाल ही में लगे रनों के अंबार से चिंतित चैम्पियन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इस प्रारूप में दो नयी गेंदों के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा कि यह नाकामी को न्यौता देने जैसा है. इंग्लैंड ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में सर्वोच्च स्कोर बनाया. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नॉटिंघम में खेले गए इस मुकाबले में 6 विकेट खोकर 50 ओवर में 481 रन बनाए. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 239 रन पर ऑलआउट हो गयी थी.

तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘वनडे में दो नयी गेंदों का इस्तेमाल नाकामी को न्यौता देने जैसा है. गेंद को उतना समय ही नहीं मिलता कि रिवर्स स्विंग मिल सके. हमने डेथ ओवरों में लंबे समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी.’’ इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में छह विकेट पर 481 रन बनाये. अगले वनडे में 312 रन का लक्ष्य 45 ओवरों में हासिल कल लिया.

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रिवर्स स्विंग के महारथी पाकिस्तान के वकार युनूस ने तेंदुलकर का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकलते. सभी रक्षात्मक खेलते हैं. सचिन से पूरी तरह सहमत हूं. रिवर्स स्विंग लुप्त ही हो गई है.’’ आईसीसी ने अक्तूबर 2011 में वनडे में दो नयी गेंदों का प्रयोग शुरू किया था.

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बता दें कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सीरीज के तीसरे वनडे मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 481 रन बनाए थे. इस दौरान जोनी ब्रैयरिट्शॉ ने 92 गेंदों का सामना करते हुए 139 रन बनाए थे. वहीं एलेक्स हेल्स ने 92 गेंदों का सामना करते हुए 147 रन बनाए थे. इससे पहले जेसन रॉय ने 82 रन बनाए. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 239 रन पर ऑलआउट हो गयी थी. यह मैच इंग्लैंड ने 242 रन से जीत लिया था.