नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 5 जनवरी से तीन टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू हो रही है. दोनों टीमों के बीच क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट- टेस्ट, वनडे और टी-20 सहित कुल 12 मैच खेले जाएंगे. इस दौरे पर 3 टेस्ट, 6 वनडे और 3 टी-20 मैच खेले जाने हैं. भारत की टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पहुंच चुकी है. इस मौके पर पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने विराट कोहली की सेना को जीत का मंत्र दिया है.उन्होंने कहा की मौजूदा भारतीय टीम काफी संतुलित हैं और बेहतर रणनीति के साथ जीत को मुमकिन बनाया जा सकता है.

हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में सचिन ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर खेलना काफी चुनौती भरा होता है. उन्होंने कहा कि ये पूरी टीम के लिए ही चुनौती भरा साबित होगा. हांलांकि वे मानते हैं कि टीम इंडिया इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. द.अफ्रीका की तेज-उछाल भरी पिच को लेकर सचिन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि भारतीय खिलाड़ियों को तेजी और उछाल से डर लगेगा. उन्होंने भारतीय सरजमीं पर काफी क्रिकेट खेला है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो तेज पिच पर नहीं खेल सकते. हमारे बल्लेबाज मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं.

यह भी पढ़ें: मुनरो की धुंआधार पारी, T20i में तीन शतक ठोकने वाले पहले क्रिकेटर बने

2016 के बाद से कोहली की कप्तानी की तारीफ करते हुए सचिन ने कहा कि उनके नेतृत्व में टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका में रन बनाने का दायित्व सिर्फ उन पर नहीं होगा बल्कि पूरी टीम के सहयोग की जरूरत होगी. साथ ही बड़ा स्कोर बनाना होगा तभी सफलता मिलेगी.

सचिन ने कहा, ‘मेरे 24 साल के करियर में मैंने भारत की इतनी संतुलित टीम कभी नहीं देखी. हार्दिक पांड्या की वजह से इस टीम में लचीलापन आ गया है. एक खिलाड़ी जो 17-18 ओवर फेंक सकता है और नंबर 7-8 पर गेंदबाजी कर सकता है वो टीम के लिए बड़े हथियार की तरह है. ये पांड्या की सबसे बड़ी सीरीज होगी और विराट कोहली उन पर निर्भर करेंगे.’

यह भी पढ़ें: रोहित, पंड्या बंधुओं को रिटेन कर सकता है मुंबई, दिल्ली की निगाह पंत, अय्यर पर

43 वर्षीय तेंदुलकर 1992-93 में दक्षिण अफ्रीका दौरा करने वाली पहली भारतीय टीम का हिस्सा थे. उन्हे उम्मीद है कि कोहली की सेना फाक डु प्लेसिस की टीम के खिलाफ इतिहास रच सकती है. उन्होंने अपने उस दौरे को याद करते हुए कहा, ‘जब हम पहली बार दक्षिण अफ्रीका गए तो हमें पता ही नहीं चला कि वहां क्या होने वाला है. पहले ही मैच से हमे एहसास हुआ कि दक्षिण अफ्रीका किस स्तर का क्रिकेट खेल रही है. उदाहरण के लिए, हमने उस समय बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ वॉर्म-अप मैच खेला. इससे हमारी आंखे खुल गई. उनकी हर दूसरे और तीसरे दर्जे की टीमों में गजब प्रतिभा थी. हर स्तर पर वह लोग अपना खेल ऊपर उठाने की कोशिश में जुटे हुए थे. दक्षिण अफ्रीका हमेशा से प्रतिस्पर्धी टीम रही है.’

तेंदुलकर ने कहा कि भारत की शुरूआत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि बल्लेबाजों का परीक्षण दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज करेंगे. भारतीय बल्लेबाजों को नई गेंद से निपटने और उसी समय रन स्कोर करने में सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में पहले 25 ओवर खेल को बदल सकते है.

सचिन ने भारतीय बल्लेबाजों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह देते हुए अपने फुटवर्क के ध्यान देने की बात कही, जो उन्हें न केवल शारीरिक रूप से तैयार करता है बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार करता है. तेंदुलकर के मुताबिक, नई गेंद को सफलतापूर्वक खेलने का रहस्य है तेज गेंदबाजों को फ्लैश नहीं करना बल्कि शरीर के करीब खेलना.