नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के भगवान, लिटिल मास्टर ब्लास्टर और ऐसे न जाने कितने नामों से आज हम जिस सचिन तेंदुलकर को जानते हैं, उन्हें एक बेहतरीन क्रिकेटर बनाने वाले रमाकांत अचरेकर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया. 87 वर्ष के अचरेकर लंबे समय से बीमार थे. उनका आधा शरीर लकवाग्रस्त हो चुका था. सचिन तेंदुलकर के ‘अचरेकर सर’ के रूप में मशहूर रमाकांत अचरेकर को भारतीय क्रिकेट में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाजा गया था. क्रिकेट के लिए उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत सरकार ने प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था.

रमाकांत अचरेकर को आज हम भले ही सचिन तेंदुलकर के कोच के रूप में जानते-पहचानते हों, लेकिन 1980 के दशक में मुंबई में क्रिकेट खेलने वाला शायद ही ऐसा कोई शख्स था, जिसने उनका नाम नहीं सुना. यहां तक कि शारदाश्रम स्कूल, जिसमें अचरेकर के कहने पर ही तेंदुलकर का नामांकन कराया गया था, में एडमिशन लेने वाले बच्चे सिर्फ इस वजह से ही दाखिला लेते थे, ताकि अचरेकर सर से क्रिकेट सीख सकें. रमाकांत अचरेकर ने खुद बहुत ही कम क्रिकेट खेला था, लेकिन उनके सिखाए क्रिकेटरों की एक लंबी लिस्ट है, जिसे दुनिया बेहतरीन खिलाड़ियों के रूप में पहचानती है. सचिन तेंदुलकर हों या विनोद कांबली या फिर अमोल मजूमदार जैसे खिलाड़ी, रमाकांत अचरेकर के क्रिकेट-स्कूल की ही देन हैं.