वर्ल्ड बैडमिंटन फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने अपना नया संशोधित कैलेंडर जारी कर दिया है. कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण हाल में बैमिंटन की कई टूर्नामेंटों को स्थगित करना पड़ा है. लंदन ओलंपिक की कांस्य पदकधारी भारतीय महिला शटलर साइना नेहवाल सहित कई खिलाड़ियों ने बीडब्ल्यूएफ के 5 महीनों में 22 टूर्नामेंट करने के फैसले को ‘मूर्खतापूर्ण’ करार देते हुए कहा कि इससे उनके चोटिल होने की संभावना बढ़ जाएगी. Also Read - पेसर मोहम्मद शमी बोले-हम अब भी सोचते हैं कि माही भाई आएंगे और...

साइना ने सोशल मीडिया ट्विटर के जरिए इस पर संदेह व्यक्त किया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘अगस्त से दिसंबर तक पांच महीने में 22 टूर्नामेंट. लगातार पांच महीने की यात्रा. सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोरोना वायरस महामारी के समय अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए क्या दिशा-निर्देश होंगे.’ Also Read - प्रवासी मजदूरों को खाना-पानी बांटने में जुटे भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी

उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इस वैश्विक संकट के कारण जब टेनिस और दूसरे खेलों ने अपने कैलेंडर घोषित नहीं किए तो बीडब्ल्यूएफ ने इसे कैसे तैयार किया. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘अक्टूबर तक के लिए टेनिस के किसी प्रतियोगिता की घोषणा नहीं हुई है.’ Also Read - भारत लौटेंगे तीन महीने से जर्मनी में फंसे शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद

‘5 महीने में 22 टूर्नामेंट में खेलना मुश्किल चुनौती’

अनुभवी खिलाड़ी और साइना के पति पी कश्यप ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘किसी भी खिलाड़ी के लिए पांच महीने में 22 प्रतियोगिताओं में खेलना काफी मुश्किल चुनौती है. अभी इस बात पर भी संशय बरकरार है कि पृथकवास का नियम कैसा होगा. अभी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध है ऐसे में उन्होंने यह कैलेंडर कैसे तैयार किया यह समझ से परे है. हम सभी खेल शुरू करना चाहते हैं लेकिन अभी कई सवाल है जिसके जवाब नहीं मिले है. हमने अभी अभ्यास भी शुरु नहीं किया है.’

‘सभी टूर्नामेंट में खेलने की उम्मीद बेवकूफी होगी’

टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने के करीब पहुंच चुके बी. साई प्रणीत भी नए कार्यक्रम से खुश नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों से पांच महीनों में 22 टूर्नामेंट खेलने की उम्मीद करना बेवकूफी है. वे खिलाड़ियों के बारे में नहीं सोच रहे हैं. बीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष एक ओलंपिक चैंपियन है, इसलिए उन्हें सोचना चाहिए था कि खिलाड़ी सप्ताह दर सप्ताह कैसे खेलेंगे.’

विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने कहा, ‘फिट खिलाड़ी भी इतने सारे टूर्नामेंट नहीं खेल सकते. वे निश्चित तौर पर चोटिल होंगे. मुझे बीडब्ल्यूएफ से यह उम्मीद नहीं थी.’

‘घरेलू टूर्नामेंट को छोड़ना पड़ सकता है’

युगल खिलाड़ी चिराग सेट्टी ने भी इसकी आलोचना की. उन्होने कहा, ‘सैयद मोदी और इंडोनेशिया सुपर 1000 दोनो एक ही सप्ताह में है. ऐसे में हम अपने घर में खेलने से चूक सकते हैं क्योंकि हमारे लिए सुपर 1000 टूर्नामेंट का ज्यादा महत्व है.’