लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला शटलर साइना नेहवाल ने कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच ऑल इंग्लैंड ओपन 2020 जारी रखने को लेकर आयोजकों को आड़े हाथों लिया है. साइना का कहना है कि ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के आयोजकों ने खिलाड़ियों की सेहत और उनकी भावनाओं की परवाह किए बिना इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को केवल वित्तीय कारण की वजह के लिए जारी रखा. Also Read - टोक्यो ओलंपिक टालने के फैसले का भारतीय खिलाड़ियों ने किया स्वागत, बोले ‘जिंदगी पहले है, हम इंतजार कर सकते हैं’

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जब दुनिया में कई बड़े टूर्नामेंट या तो स्थगित किए जा रहे थे या निलंबित किए जा रहे थे या खिलाड़ियों को बंद दरवाजों के बीच खेलने पर मजबूर होना पड़ा था उस समय ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप को बर्मिंघम में नॉर्मल दिनों की तरह खेला जा रहा था. हालांकि बाद में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने कई आगामी टूर्नामेंट को स्थगित करने की घोषणा की. Also Read - 8 साल की उम्र में थाम लिया था रैकेट, बन गईं दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग वाली पहली भारतीय प्लेयर

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साइना ने अपने ऑफिशियल टिवटर अकाउंट पर टवीट किया, ‘ मैं केवल एक बात सोच सकती हूं कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और भावनाओं के बजाय वित्तीय हितों को अधिक तवज्जो दी गई। इसके अलावा पिछले सप्ताह  ऑल इंग्लैंड ओपन 2020 को जारी रखने का कोई अन्य कारण नहीं था.’


साइना के पति और कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट पारुपल्ली कश्यप ने कहा कि ऑल इंग्लैंड ओपन में खिलाड़ी दबाव में खेल रहे थे क्योंकि उस समय कोविड-19 के कारण यात्रा को लेकर पूरी दुनिया में बैन लग रहा था. इस टूर्नामेंट में साइना और कश्यप का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था

गौरतलब है कि कोरोनावायरस की वजह से अब तक दुनिया में लगभग 8 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि दो लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं. भारत में इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 150 तक पहुंच गई है जबकि इससे मरने वालों की संख्या तीन है.