लॉकडाउन (Lockdown) के बीच बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की अध्‍यक्षता में स्‍पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा चलाए जा रहे ऑनलाइन कोचिंग कोर्स के दौरान उस वक्‍त हड़कंप मच गया जब अचानक स्‍क्रीन पर पोर्न चलने लगी। Also Read - कोविड-19 की भेंट चढ़ा हैदराबाद ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट, कोच पुलेला गोपीचंद ने किया रिएक्ट

गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे लाइव स्‍ट्रीमिंग सेशन के दौरान देश विदेश के 700 से ज्‍यादा कोच बैडमिंटन की ऑनलाइन कोचिंग ले रहे थे. तभी हुई इस घटना के बाद एकाएक क्‍लास बंद कर दी गई. Also Read - जूम ऐप पर प्रतिबंध लगाने के लिए दायर याचिका, SC ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक स्‍पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा जूम एप के माध्‍यम से 21 दिन के प्रोग्राम का आयोजन किया गया था. साई बेंगलुरू की तरफ से ऑनलाइन सीडीपी के लिए गुरुवार को इन्‍वाइट भेजा गया था. Also Read - कोरोना वायरस पॉजिटिव रसोइये की मौत के बावजूद साई केंद्र में ही रहेंगे हॉकी खिलाड़ी

जूम एप को लेकर पहले ही ग्रह मंत्रालय 20 अप्रैल को यह एडवाइजरी दे चुका है कि यह एप सुरक्षित नहीं है. इसके साथ निजता का उल्‍लंघन हो सकता है. लॉकडाउन के इस दौर में जब हर कोई वर्क फ्रॉम होम करने को मजबूर है, ऐसे में जूम एप का इस्‍तेमाल कई गुना बढ़ गया है. एक आंकड़े के अनुसार पिछले तीन महीने में जूम एप के यूजर 10 गुना तक बढ़ गए हैं.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया को इस सेशन से जुड़े एक कोच ने बताया, “जब इस तरह से बड़े स्‍तर पर सेशन का आयोजन किया जाए तब एहतियात बरती जानी चाहिए. ये सेशन केवल कोच के लिए था लेकिन इसके बावजूद सेशन के दौरान कई महिला कोच, बच्‍चे और उनके अभिभावक मौजूद थे.”

सभी कोचों की यह राय है कि बैडमिंटन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (BAI) और साई को जूम एप का इस्‍तेमाल तत्‍काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए. “कई अन्‍य प्‍लेटफॉर्म भी हमारे पास मौजूद हैं. स्‍कूल द्वारा आयोजित किए जा रहे ऑनलाइन सेशन के दौरान अगर ऐसा हो जाए तो फिर कौन जिम्‍मेदार होगा.”

साई की तरफ से बताया गया है कि इस सेशन के दौरान कोई हैकिंग नहीं हुई है. यह एक तकनीकी गड़बड़ी है. आईटी विभाग को इसकी विस्‍तार में जांच के आदेश दिए गए हैं.