एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटीं रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए फिर से ट्रायल की मांग की है. साक्षी एशियाई कुश्ती में गैर ओलंपिक वर्ग में चुनौती पेश करेंगी. इस महिला पहलवान को 62 किग्रा भारवर्ग के लिए हुए ट्रायल में सोनम मलिक ने हरा दिया था.

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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पहले ही यह साफ कर चुका है कि ट्रायल में जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी अगर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगे तो फिर से ट्रायल का आयोजन किया जा सकता है.

सोनम रोम में रैंकिंग सीरीज की प्रतियोगिता के पहले दौर में हार गई थीं लेकिन अगर वह दिल्ली में 18 फरवरी से शुरू हो रही एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतने में सफल रहीं तो डब्ल्यूएफआई उन्हें एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में भाग लेने से नहीं रोकेगा. यह क्वालीफायर मार्च में आयोजित होगा.

साक्षी ने कहा, ‘मुझे एक दौर के ट्रायल की उम्मीद है. अगर मैं ट्रायल में क्वालीफाई कर जाती हूं तो मेरे पास ओलंपिक का टिकट हासिल करने के दो मौके होंगे. एशियाई विश्व ओलंपिक क्वालीफायर्स (एडब्ल्यूसी) और विश्व ओलंपिक क्वालीफायर्स. मैं इन दोनों टूर्नामेंटों के जरिए क्वालीफाई करना चाहती हूं.’

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उन्होंने कहा, ‘एडब्ल्यूसी के लिए मेरी तैयारी अच्छी है. चाहे कोई भी प्रतियोगिता हो मैं पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी. मैं अपनी तकनीक सुधारने पर काम कर रही हूं. मैं यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि पिछले टूर्नामेंटों की गलती फिर से ना दोहराउं.’

ट्रायल्स में 18 साल की सोनम एक समय 6-10 से साक्षी से पिछड़ रही थीं लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए जीत दर्ज की. साक्षी एशियाई चैंपियनशिप में 65 किग्रा भाग वर्ग में भाग ले रही हैं.