मां बनने के बाद लंबे समय तक टेनिस कोर्ट से दूर रहने के बाद भारतीय स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट के साथ दो साल बाद अपना पहला डबल्स खिताब जीतकर धमाकेदार वापसी की है। मिर्जा का कहना है कि वो इससे बेहतर वापसी की उम्मीद कर ही नहीं सकती थीं। Also Read - Australian Open 2021: राफेल नडाल को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे ग्रीस के स्टेफानोस सितसिपास

पूर्व विश्व नंबर-1 जोड़ी सानिया और यूक्रेन की नादिया किचेनोक ने शनिवार को दूसरी सीड चीनी जोड़ी पेंग शुहाई और झांग शुहाई एक घंटे 21 मिनट तक चले मुकाबले में 6-4, 6-4 से हराकर खिताब जीता। Also Read - टेनिस स्टार Sania Mirza को भी हुआ था Corona, बोलीं- अब ठीक हूं

सानिया ने मैच के बाद कहा, “वास्तव में ये एक शानदार टूर्नामेंट है। ऐसा तब होता है जब आप किसी टूर्नामेंट से बाहर होने की उम्मीद नहीं होती है। मुझे लगता है कि ये हमें सिखाता है कि हमें खुद पर कोई दबाव नहीं डालन चाहिए। मैं सिर्फ ये कहना चाहती हूं कि मैं बेहतर वापसी की उम्मीद नहीं कर सकती थी। होबार्ट कई मायनों में मेरे लिए खास रहा है और ये आश्चर्यजनक है कि ये यहां होबार्ट में हुआ। इसके लिए अपने साथी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी” Also Read - वाहब रियाज से कार रेस के चक्‍कर में खड़े ट्रक से टकराई Shoaib Malik की कार !

Hobart International 2020: सानिया मिर्जा ने खिताब के साथ की टेनिस कोर्ट पर वापसी

तीन बार की युगल ग्रैंड स्लैम विजेता सानिया ने अपने परिवार और टीम का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “मैं इसे पर्याप्त नहीं कह सकती। मैं अपने माता-पिता और मेरी टीम के बिना यहां नहीं होती। मेरे लिए यहां रहना और खासकर अपने बच्चे के साथ रहना बेहद खास है। मैं कभी नहीं सोची थी कि मैं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ इतने बड़े स्तरों पर प्रतिस्पर्धा करूंगी।”

दो साल बाद जीता पहला खिताब

सानिया की दो साल बाद ये पहली और करियर की 42वीं युगल खिताब है। वहीं, नादिया की पांचवीं युगल खिताब है। भारतीय महिला टेनिस स्टार ने आगे कहा, “मैं बहुत आभारी और गौरवान्वित महसूस करती हूं। दर्शकों का यहां आने और समर्थन करने के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं।”

सानिया ने 2015 में विंबलडन और अमेरिकी ओपन में मार्टिना हिंगिस के साथ मिलकर डबल्स खिताब जीता था। इसके बाद वो 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी हिंगिस के साथ मिलकर युगल खिताब जीतने में सफल रही थी।