एंटिगा, 20 जुलाई।भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर का मानना है कि भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरूवार से शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला की तैयारी के लिए काफी समय मिला है। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत ने तैयारी के लिए अच्छी संख्या में अभ्यास मैच भी खेले हैं।Also Read - प्रैक्टिस सेशन में Virat Kohli की मदद करते दिखे संजय बांगर, नंबर-1 टेस्‍ट बल्‍लेबाज बनाने में निभाई थी भूमिका

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बांगर ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारी तैयारी काफी अच्छी है। बेंगलुरू में आयोजित अभ्यास शिविर में भी हमने अच्छी तैयारी की थी और सेंट किट्स में हुए दो अभ्यास मैचों में भी हमने अच्छी तैयारी की। मुझे याद नहीं की हमें पिछले दो-तीन साल में तैयारी के लिए इतना समय कब मिला था।” Also Read - न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी की जरुरत होगी: संजय बांगड़

उन्होंने कहा, “मैच में आने वाली अलग-अलग परिस्थतियों के लिए हमने तैयारी कर ली है। हमने अपनी रणनीति और उनके क्रियान्वयन पर भी चर्चा की है। हमने हर तरीके से तैयारी की है। जो समय हमारे पास था उससे तैयारी के अलावा तालमेल बिठाने में भी अच्छी मदद मिली।” यह भी पढ़े –वेस्टइंडीज की धीमी पिचों पर धैर्य रखना होगा: रहाणे

वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष एकादश के साथ खेले गए दोनों अभ्यास मैच ड्रॉ रहे थे। मेहमानों को इन मैचों में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी परखने का मौका मिला था। बांगर ने कहा है कि पहले टेस्ट में घासयुक्त पिच मिल सकती है।

उन्होंने कहा, “हमने अभी पिच पर घास देखी है। अगले मैच से पहले हमें विकेट पर घास मिले तो हैरानी नहीं होगी। लेकिन यह देखना होगा की मैच के लिए विकेट पर कितनी घास रखी जाती है। हमने इस बात को ध्यान में रखकर भी तैयारी की है कि कुछ घासयुक्त पिचें भी मैच बढ़ने के साथ धीमी होती जाती हैं।”

अध्यक्ष एकादश के स्पिन गेंदबाज राहकीम कॉर्नवॉल ने दूसरे अभ्यास मैच में 118 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे और भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी को समाने ला दिया था। लेकिन बांगर ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया।

बांगर ने कहा, “अगर आप अच्छी गेंद पर आउट होते हैं तो यह चिंता की बात नहीं है, चाहे वह स्पिन हो या तेज गेंदबाज। हमें इस बात को स्वीकार करना चाहिए और गेंद की काबिलियत पर ध्यान देना चाहिए। इसी पर हमने चर्चा की। मैं स्पिन या तेज गेंदबाजी के खिलाफ कोई कमजोरी नहीं देखता।”