भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ की देखरेख में टीम इंडिया ने कई उपलब्धियां हासिल की है. बांगड़ भी कह चुके हैं कि टीम ने जिस तरह से उनके कार्यकाल में प्रदर्शन किया उसको लेकर उन्हें टीम पर गर्व है. Also Read - Veda Krishnamurthy पर टूटा दुखों का पहाड़, मां के बाद कोरोना ने छीनी अब बहन की जिंदगी

बांगड़ का मानना है कि खिलाड़ियों के लिए जरूरी है कि कोचिंग करते समय वे अपने अतीत को पीछे छोड़ दें. बांगर ने स्टार स्पोटर्स के शो पर कहा, ‘हो सकता है कि जो खिलाड़ी उच्च स्तर पर खेले हैं वो इस बात को शायद न समझ पाएं कि एक औसत काबिलियत वाला खिलाड़ी किस स्थिति से गुजरता है.’ Also Read - ICC Rankings: इंग्लैंड को पछाड़ वनडे में नंबर-1 टीम बनी न्यूजीलैंड; नीचे खिसकी टीम इंडिया

उन्होंने कहा, ‘कोचिंग की पढ़ाई करते हुए हमें जो बात बताई गई थी वो यह थी कि आपको अपने अतीत को पीछे छोड़ना होता है. आप उस तरह से कोचिंग नहीं कर सकते जिस तरह से आप खेला करते थे.’ Also Read - ICC ODI Rankings: न्‍यूजीलैंड बनी नई चैंपियन, तीसरे स्‍थान पर खिसका भारत, इंग्‍लैंड को सबसे ज्‍यादा नुकसान

‘एक अच्छा खिलाड़ी बनाने के लिए भरोसा जीतना होता है’

वहीं न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन का मानना है कि कोच को एक अच्छा खिलाड़ी बनाने के लिए भरोसा जीतना होता है. हेसन ने कहा, ‘एक बार जब खिलाड़ी आपको एक ऐसा कोच मान लेता है जो उसके काम आता है तो आपको सम्मान मिलता है. कुछ प्रशिक्षकों को इसमें समय लगता है.’

उन्होंने कहा, ‘जब आप खिलाड़ियों के लिए उपयोगी हो जाते हैं तो वह सोचते हैं कि यह शख्स मेरे लिए काफी मददगार होने वाला है जो मुझ में से एक खिलाड़ी के तौर पर सर्वश्रेष्ठ निकलवा सकता है.’