नई दिल्ली. वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की हार के बाद पहले महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास और अब विराट कोहली (Virat Kohli) को कप्तानी से हटाने का विवाद, टीम इंडिया के अंदरूनी विवाद को थमने नहीं दे रहा है. एक दिन पहले महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने विराट कोहली को कप्तान बनाए रखने को लेकर सवाल उठाया था. इसके दूसरे ही दिन पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने गावस्कर के नजरिए को खारिज कर दिया है. सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई की सेलेक्शन कमेटी को निशाने पर लेते हुए कहा था कि विराट कोहली को विश्व कप तक ही कप्तान बनाए रखे जाने की बात कही गई थी. लिहाजा अब इस बारे में फिर से बात होनी चाहिए. गावस्कर की इस दलील से असहमति जताते हुए मांजरेकर ने कहा है कि विराट के नेतृत्व में भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन नहीं किया है. इसलिए विराट को कप्तानी से हटाने को लेकर बात करना बेमानी है.

सुनील गावस्कर ने चयनकर्ताओं को बताया ‘कठपुतली’, कहा- कोहली आखिर किसकी बदौलत हैं कप्तान?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और अपने बयानों के लिए मशहूर संजय मांजरेकर ने इस मसले पर ट्वीट कर सुनील गावस्कर से अपनी असहमति जताई है. उन्होंने कहा, ‘मैं विराट कोहली को कप्तान बनाए रखे जाने और चयनकर्ताओं के मसले पर गावस्कर सर से पूरे आदर के साथ असहमति व्यक्त करता हूं. नहीं, भारतीय टीम ने विश्व कप में कमतर प्रदर्शन नहीं किया है. टीम ने सात मैच जीते और दो हारे. इनमें से एक मैच तो बेहद करीबी रहा. और चयनकर्ताओं के लिए कद से ज्यादा ईमानदारी महत्व रखती है.’ संजय मांजरेकर और सुनील गावस्कर की इस ‘भिड़ंत’ को लेकर सोशल मीडिया पर भी कमेंट्स आ रहे हैं. कुछ इंटरनेट यूजर्स ने मांजरेकर का समर्थन किया तो कुछ ने उन्हें वर्ल्ड कप 2019 की याद दिलाई.

आपको बता दें कि महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने एक अखबार में लिखे अपने लेख के जरिए भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने विश्व कप सेमीफाइनल में भारत (Team India) की हार के बाद भी विराट कोहली को स्वाभाविक तौर पर कप्तान बनाए रखे जाने के फैसला पर सवाल खड़े किए हैं. सुनील गावस्कर मानते हैं कि कोहली को दोबारा कप्तानी सौंपे जाने से पहले आधिकारिक बैठक होनी चाहिए थी. गावस्कर ने सवाल उठाया कि कोहली आखिर किसकी बदौलत कप्तान हैं. कोहली सिर्फ वर्ल्ड कप तक के लिए कप्तान थे. इसके बाद के फैसले के लिए मीटिंग होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

सुनील गावस्कर ने मिड-डे में प्रकाशित अपने लेख में लिखा है, ‘अगर उन्होंने (चयनकर्ता) वेस्टइंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी मीटिंग के लिए कर लिया तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान हैं या फिर चयन समिति की खुशी के कारण हैं.’ गावस्कर ने लिखा, ‘हमारी जानकारी के मुताबिक उनकी (कोहली) नियुक्ति विश्व कप तक के लिए ही थी. इसके बाद चयनकर्ताओं को इस मसले पर मीटिंग बुलानी चाहिए थी. यह अलग बात है कि यह मीटिंग पांच मिनट ही चलती, लेकिन ऐसा होना चाहिए था.’ बता दें कि कुछ दिन पहले ही एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई (BCCI) की चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए कोहली को तीनों फॉर्मेट का कप्तान नियुक्त किया है. इस सीरीज की शुरुआत फ्लोरिडा में होने वाले टी-20 मुकाबलों से होगी.

भारत के पूर्व फील्डिंग कोच रोबिन सिंह ने कहा- रवि शास्त्री के रहते टीम हारी बड़े टूर्नामेंट, समय बदलाव का

गावस्कर के अलावा पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी रॉबिन सिंह ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को लेकर सवाल उठाया है. रॉबिन ने कहा है कि टीम उनके रहते हुए आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स में सेमीफाइनल में हारी है और इसलिए उस पद पर बदलाव की जरूरत है. रोबिन ने अंग्रेजी अखबार द हिंदू से कहा, “मौजूदा कोच के रहते, भारत लगातार दो वनडे विश्व कप और टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल में हारी है.”

(इऩपुट – एजेंसी)