बल्लेबाज सरफराज खान ने रणजी ट्रॉफी मैच में बुधवार को ट्रिपल सेंचुरी जड़ दी. सरफराज के करियर का ये पहला तिहरा शतक है. इस मैराथन पारी से सरफराज बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने खेल से अकेले अपने दम पर मैच का रुख अपनी ओर मोड़ने का माद्दा रखते हैं. Also Read - India vs England दूसरे टेस्ट से पहले बीसीसीआई क्यूरेटर की छुट्टी; पहले मैच की पिच बनाने वाले कुमार को मिली जिम्मेदारी

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सरफराज ने मुंबई की ओर से खेलते हुए उत्तर प्रदेश के खिलाफ ये शानदार पारी खेली. दो दिन पहले बुखार से पीड़ित होने के बावजूद सरफराज ने नाबाद 301 रन की पारी खेली जिससे मुंबई ने रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप बी मैच के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश को पहली पारी के आधार पर पीछे छोड़ा जिसने आठ विकेट पर 625 रन बनाने के बाद पारी घोषित की थी. Also Read - 87 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी का आयोजन नहीं करेगा BCCI; सेक्रेटरी जय शाह के पत्र में किया गया खुलासा

सरफराज ने कहा, ‘मुझे बल्लेबाजी के लिए नहीं आना था. पिछले दो-तीन दिन से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी. लेकिन मेरा मानना है कि में ऐसा खिलाड़ी हूं जो अगर विकेट पर टिके रहता है तो मैच का रुख बदल सकता है. इसलिए मैं मैदान पर उतरा और टीम के लिए खेला.’

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में छठे नंबर पर खेलते हुए किसी प्रथम श्रेणी बल्लेबाज ने सिर्फ तीसरी बार तिहरा शतक जड़ा है. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में वह करुण नायर के बाद छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तिहरा शतक जड़ने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज हैं.

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तीन सत्र के लिए उत्तर प्रदेश की ओर से खेलने के बाद मुंबई लौटे 22 साल के सरफराज ने कहा, ‘मैंने नहीं सोचा था कि मैं इतनी लंबी पारी खेल पाऊंगा. जब मैं 250 रन बनाकर खेल रहा था तो मैं सोचा कि मुझे रिटायर हो जाना चाहिए लेकिन टीम ने मेरा काफी समर्थन किया.’ सरफराज ने अनुसार दोहरा शतक पूरा करने के बाद उनके रन बनाने की गति कम हुई.’

इससे पहले मुंबई की ओर से पिछला तिहरा शतक दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जड़ा था.