नई दिल्ली: रविंद्र जडेजा की अगुवाई में निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान और बायें हाथ के स्पिनर धर्मेंद्रसिंह जडेजा की शानदार गेंदबाजी से सौराष्ट्र ने रविवार को फिरोजशाह कोटला में दूसरे सेमीफाइनल में आंध्र को आसानी से 59 रन से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया.Also Read - 60 हजार रुपये में बेची गई दिल्ली की नाबालिग लड़की, साले से शादी कराना चाहता था राजस्थान का गोपाल लेकिन....

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यह दूसरा अवसर है जबकि सौराष्ट्र सीमित ओवरों के इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने में सफल रहा. उसने इससे पहले 2007-08 में खिताब जीता था. इस बार फाइनल में उसका मुकाबला 27 फरवरी को फिरोजशाह कोटला में ही दो बार के चैंपियन कर्नाटक से होगा. Also Read - फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं राहुल गांधी, CWC की बैठक में बोले- नेताओं ने दबाव बनाया तो विचार करूंगा

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सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर 49.1 ओवर में 255 रन पर आउट हो गयी लेकिन आंध्र के लिये यह स्कोर भी बड़ा साबित हुआ और उसकी टीम 45.3 ओवर में 196 रन पर ढेर हो गयी. सौराष्ट्र के लिये धर्मेन्द्रसिंह जडेजा ने 40 रन देकर चार और शौर्य सनानडिया ने 40 रन देकर दो विकेट लिये.

सौराष्ट्र की शुरूआत अच्छी नहीं रही और उसने कप्तान चेतेश्वर पुजारा (17) और सलामी बल्लेबाज समर्थ व्यास (46) सहित चोटी के चार विकेट 69 रन पर गंवा दिये. इस मैच में केवल बल्लेबाज के रूप में वापसी करने वाले रविंद्र जडेजा (56) और अर्पित वासवदा (58) ने यहीं से पांचवें विकेट के लिये 113 रन जोड़कर टीम को शुरूआती झटकों से उबारा.

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इन दोनों के एक रन के अंदर लगातार ओवर में आउट होने के बाद प्रेरक मांकड़ ने 28 गेंदों पर 40 रन बनाये जिससे सौराष्ट्र की टीम 250 रन के पार पहुंचने में सफल रही. आंध्र की तरफ से कार्तिक रमन ने 69 रन देकर चार तथा डी शिवा कुमार और बी अयप्पा ने दो-दो विकेट लिये.

आंध्र का शीर्ष क्रम भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया और 23वें ओवर में उसका स्कोर भी चार विकेट पर 91 रन हो गया. बी सुमनाथ (42) और डीबी रवि तेजा (42) ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन इन दोनों के बीच 59 रन की साझेदारी टूटने के साथ ही आंध्र की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी.