लखनऊ: रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल कर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली सौराष्ट्र की टीम के कप्तान और तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय टेस्ट टीम का अहम हिस्सा चेतेश्वर पुजारा ने टीम को विश्वास दिलाया था कि वह जीत सकते हैं. सौराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश द्वारा रखे गए 372 रनों के लक्ष्य को हासिल कर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया. उनादकट से इसे अपनी टीम के सबसे स्‍पेशल जीतों में से एक बताया.

यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में हासिल किया गया अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य है. इससे पहले असम ने 2008-09 में सर्विसेस के खिलाफ 371 रनों के लक्ष्य का पीछा किया था. एक क्रिकेट वेबसाइट के अनुसार कप्तान जयदेव उनादकट ने कहा, “मुझे लगता है कि यह सौराष्ट्र के इतिहास में अभी तक की सबसे बड़ी जीत है. हमने जिस तरह से मैच में वापसी की, उसने इसे और विशेष बना दिया है. इसिलए अगर सर्वश्रेष्ठ नहीं तो सर्वश्रेष्ठ जीतों में से एक तो है ही. मुझे बताया गया कि यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में रनों का पीछा करते हुए अभी तक की सबसे बड़ी जीत है. इसलिए इससे विशेष और कुछ नहीं हो सकता.”

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इस जीत में हार्विक देसाई के पहले प्रथम श्रेणी शतक के अलावा चेतेश्वर पुजारा, स्नेल पटेल तथा शेल्डन जैक्सन के अर्धशतकों का अहम योगदान रहा. देसाई ने दूसरी पारी में 116 रन बनाए. जैक्सन ने 73, पुजारा ने 67 और पटेल ने 72 रनों की पारियां खेलीं. उनादकट ने कहा कि पुजारा के रहने से टीम को काफी फायदा हुआ. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा, “किसी ने नहीं सोचा था कि हम मैच से बाहर हैं. पुजारा के टीम में रहने से हमें अतिरिक्त फायदा हुआ. वही थे जिन्होंने पारी के बीच में आगे आकर कहा कि यह पांच दिनों का मैच है और हम वापसी कर सकते हैं. हमने उनकी बात का विश्वास किया.”

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इस मैच में जीत सौराष्ट्र के लिए आसान नहीं थी. उत्तर प्रदेश ने अपनी पहली पारी में 385 रन बनाए थे तो वहीं सौराष्ट्र अपनी पहली पारी में 208 रनों पर ही ढेर हो गई थी. उसने हालांकि उत्तर प्रदेश को दूसरी पारी में 194 रनों पर ढेर कर दिया था, लेकिन पहली पारी में 177 रनों से पिछड़ने के कारण उसे 372 का विशाल लक्ष्य मिला. बल्‍लेबाजों के दम पर उसने मैच के आखिरी दिन यह लक्ष्‍य हासिल कर लिया.