नई दिल्ली. स्कॉटलैंड ने जो किया वैसा वर्ल्ड क्रिकेट में पिछले दो दशकों से देखने को नहीं मिला था. वर्ल्ड रैंकिंग में 13वें नंबर पर होने और ICC के एसोसिएटेड सदस्य होने के बावजूद इस टीम ने वनडे की वर्ल्ड नंबर वन टीम इंग्लैंड के साथ जो किया उसे देखने के बाद तो अब भारतीय क्रिकेट टीम का सीना भी चौड़ा हो गया है. कैसे, इसकी वजह आपको बताएं उससे पहले जरा स्कॉटलैंड के किए कमाल पर गौर कीजिए. इंग्लैंड के खिलाफ खेले एकमात्र वनडे में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले स्कॉटलैंड को बल्लेबाजी के लिए उतारा. स्कॉटलैंड ने मैक्लॉड की 94 गेंदों पर खेली 140 रनों की नाबाद विस्फोटक पारी के दम पर 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 371 रन बनाए. बता दें कि स्कॉटलैंड को टेस्ट का दर्जा प्राप्त नहीं है. एसोसिएट टीमों की बात करें, तो 350 से ज्यादा का स्कोर करने वाली वह पहली टीम बन गई है. स्कॉटलैंड ने एसोसिएट टीम केन्या का रिकॉर्ड तोड़ा, जिसने 1997 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में 347/3 का स्कोर खड़ा किया था.

स्कॉटलैंड से पहली बार हारा इंग्लैंड

बहरहाल, स्कॉटलैंड के भारी भरकम स्कोर का जवाब देने उतरी इंग्लैंड की टीम सिर्फ 365 रन पर ऑल आउट हो गई और 6 रन से मुकाबला हार गई. वनडे क्रिकेट में ये पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड को हराया है. जिम्बाब्वे में मार्च में खेले वर्ल्ड कप क्वालिफायर के बाद ये स्कॉटलैंड का पहला मैच था. वर्ल्ड कप 2019 के लिए क्वालिफाई करने से स्कॉटलैंड की टीम करीबी अंतर से चूक गई थी.

इंग्लैंड की हार, ऑस्ट्रेलिया, इंडिया में बहार

हालांकि, जिस तरह से उसने अपने घर में इंग्लैंड को रौंदा है उससे ऑस्ट्रेलिया से इंडिया तक में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं अब जरा वो समझिए. दरअसल, इंग्लैंड को आगे ऑस्ट्रेलिया और टीम इंडिया के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है. इंग्लैंड को 13 से 27 जून के बीच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 वनडे की सीरीज खेलनी है. इसके बाद अगले महीने 12 से 17 जुलाई के बीच टीम इंडिया से उसे 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है.

लेकिन, जिस तरह से 13वीं रैंक वाली टीम स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड का बैंड बजाया है उसे देखने के बाद लगता है कि ऑस्ट्रेलिया और टीम इंडिया का काम बेहद आसान रहने वाला है. वनडे रैंकिंग में टीम इंडिया इंग्लैंड के बाद नंबर 2 पर है जबकि ऑस्ट्रेलिया नंबर 5 की टीम है.