भारतीय महिला बल्लेबाज शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने 15 साल की उम्र में इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज कर लिया है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरू हुई पांच मैचों की टी-20 सीरीज में शेफाली भारत के लिए डेब्यू करने वाली सबसे  युवा महिला क्रिकेटर बन गई हैं. 15 साल की उम्र में अगर शेफाली भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं, तो इससे साफ जाहिर है कि शेफाली ने अपनी अब तक के क्रिकेटिंग करियर में कई झंडे गाड़े हैं. टी-20 फॉर्मेट में पूर्व कप्तान मिताली राज के संन्यास के बाद शेफाली को टीम का हिस्सा बनाया गया है. शेफाली ने घरेलू क्रिकेट में निरंतर अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है. इस युवा खिलाड़ी ने छह शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 1923 रन बनाए हैं. शेफाली की काबिलियत और कौशलता को देख इन्हें भारतीय टीम में चुना गया है. हालांकि, शेफाली अपने पहले मैच में बिना रन बनाएं ही पवेलियन लौट गई. इस उम्र में घरेलू क्रिकेट में बनाए रिकार्ड्स शेफाली की असाधारण प्रतिभा का प्रमाण हैं.

शेफाली वर्मा

शेफाली निकली इस खिलाड़ी से आगे 

15 साल 239 दिनों में शेफाली ने अपना पहला अंतराष्ट्रीय मैच खेला तो हैं मगर इनसे भी कम उम्र में गार्गी बनर्जी ने क्रिकेट की दुनिया में अपना कदम रख दिया था. गार्गी ने अपना पहला मैच 11 साल 40 दिन की उम्र में खेला था वहीं, 14 साल 165 दिन की उम्र में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. शेफाली ने वी स्नेहा दीप्ति के इस रिकॉर्ड को पछाड़ कर अपना नाम उनसे ऊपर कर लिया. दीप्ती ने अपना पहला मैच 16 साल 204 दिन की उम्र में खेला था.

सचिन थे क्रिकेटिंग सफर की वजह 

15 वर्षीय शेफाली वर्मा का सफर महज 5 साल पुराना है. लाहली के मैदान में जब ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) अंतरराष्ट्रीय संन्यास से पहले अपना अंतिम रणजी मैच खेल रहे थे, तब शेफाली अपने आदर्श सचिन के लिए स्टैंड में खड़ी हो कर तालियां बजा रहीं थी. इस मैच और सचिन से प्रेरित हो कर शेफाली ने क्रिकेट के मैदानों में जम कर पसीना बहाया और पांच साल बाद ही भारत की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना ली.

शेफाली ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत में क्रिकेटर बनना बहुत बड़ी बात है. अपनी पसंदीदा खिलाड़ी पूछे जाने पर शेफाली ने मिताली राज और हरमनप्रीत कौर का नाम लिया. इस साल हुए सीनियर टी-20 चैलेंज में शेफाली ने हरियाणा की ओर से खेलते हुए नागालैंड के खिलाफ 56 गेंदों में 128 रन बनाए थे.

ये सपना हम दोनों का है 

भारतीय महिला क्रिकेट की इस नई उम्मीद ने एक इंटरव्यू में बताया ‘भारत के लिए मैच खेलने का सपना मैंने और मेरे पिता ने साथ में देखा था. एक लड़की होने के नाते मैंने इस सपने को सींचने में नबहुत मेहनत किया है. मेरे साथ मेरे पिता ने भी बहुत मेहनत की है. अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलना दो लोगों की आंखों से देखा हुआ एक सपने को पूरा होने जैसा है’.