नई दिल्ली : शाहिद अफरीदी ने अपनी आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ में एक बड़े झूठ को उजागरा किया है जो वह अपने क्रिकेट करियर में अभी तक छुपाते हुए आए थे. अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में कहा है कि आधिकारिक दस्तावेजों में उनकी गलत उम्र दर्ज है. एक क्रिकेट वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, अफरीदी ने अपनी आत्मकथा मे लिखा है कि वह 1975 में जन्में थे ना कि 1980. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने हालांकि अपनी जन्मतिथि का महीना और दिन नहीं बताया है, लेकिन इससे एक बात साबित हो गई है कि अफरीदी अभी तक झूठी उम्र के साथ क्रिकेट खेल रहे थे.

अफरीदी ने 1996 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था तब उनकी उम्र 16 साल की बताई गई थी. अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, “रिकॉर्ड में मैं 19 साल का था ना कि 16 साल. मेरा जन्म 1975 में हुआ है. हां अधिकारियों ने मेरी उम्र गलत दर्ज की थी.”

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अफरीदी ने इसी बयान के साथ स्थिति को और अस्पष्ट कर दिया है क्योंकि एक तरफ वह कह रह हैं कि उनका जन्म 1975 में हुआ है. इस लिहाज से जब उन्होंने पदार्पण किया तब वह 20 या 21 साल के थे लेकिन वह खुद अपनी किताब में कह रहे हैं कि वह 19 साल के थे.

अब सवाल यह है कि अफरीदी अपने अभी तक अपनी उम्र को लेकर चुप्पी क्यों साध रखी थी और अब जबकि उन्होंने अपनी असल उम्र का खुलासा खुद कर दिया है तो क्या आईसीसी इस सम्बंध में कोई फैसला लेगा? अफरीदी ने 2016 टी-20 विश्व कप के बाद संन्यास ले लिया था. वह हालांकि कुछ टी-20 लीगों में खेलते आ रहे हैं.