नई दिल्ली: भारत के खिलाफ निदाहस ट्रॉफी फाइनल मैच में भले ही बांग्लादेश की टीम को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन टीम के कप्तान शाकिब अल-हसन का मानना है कि वह अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश हैं. शाकिब ने कहा कि उन्हें फाइनल मैच में टीम के खिलाड़ियों की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण पर गर्व है. Also Read - Prithvi Shaw में दूसरा Virender Sehwag बनने की क्षमता: पूर्व चयनकर्ता

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बांग्लादेश ने टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम के सामने 167 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारत ने दिनेश कार्तिक (29 रन, 8 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) की आतिशी पारी के दम पर हासिल कर लिया और बांग्लादेश को चार विकेट से हराया. Also Read - Tim Paine पर भड़के Saba Karim, बोले- यह बयान 'बचकाना' नहीं बल्कि बड़ी 'बेवकूफी'

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भारतीय टीम को आखिरी गेंद पर पांच रनों की जरूरत थी और ऐसे में शाकिब ने आखिरी गेंद पर सौम्य सरकार को शांत रहकर गेंद फेंकने से पहले पूरा समय लेने की सलाह दी. इसी गेंद पर दिनेश ने छक्का मारने के साथ ही बांग्लादेश की जीत की आशाओं पर पानी फेर दिया.

शाकिब ने मैच के बाद कहा, “मैंने सरकार से कुछ खास नहीं कहा था. गेंदबाज को इतना ज्यादा समझाना सही नहीं है. मैंने उन्हें केवल आराम से समय लेने के लिए कहा. कभी-कभी आप गेंद फेंकने के दौरान लय खो बैठते हैं और उससे नुकसान होता है. उन्होंने तीन ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की.”

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कप्तान शाकिब ने कहा, “मैं इस हार के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता. हमारे दो ओवर बहुत बुरे थे. मैं किसी को दोष नहीं दे सकता. मुझे टीम की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण पर गर्व है.”

दिनेश कार्तिक (29 रन, 8 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) की आतिशी पारी के दम पर भारत ने रविवार को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए निदाहस ट्रॉफी टी-20 त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मैच में बांग्लादेश को चार विकेट से हरा दिया.

भारत को अंतिम गेंद पर जीत के लिए पांच रन चाहिए थे और कार्तिक ने मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाते हुए भारत को यादगार जीत दिलाई. भारत को यह मैच जिताने का श्रेय कार्तिक को मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने असम्भव को सम्भव करते हुए भारत को हार से बचा लिया.