मैच फिक्सिंग (Match Fixing) के लिए सटोरियों द्वारा बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद भी इसकी जानकारी बोर्ड और आईसीसी को नहीं देने के मामले में आईसीसी ने बांग्‍लादेश के स्‍टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) पर एक साल का बैन लगाया. शाकिब ने पहली बार इसके बारे में खुलकर बातचीत की और कहा कि इस पूरी घटना से सबसे बड़ी सीख यह रही कि ‘अज्ञानता’ के कारण भी किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए. Also Read - नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाए क्रिकेट जगत, वर्ना वो भी है समस्या का हिस्सा : सैमी

विश्‍व कप 2019 (ICC World Cup 2019) के दौरान शाकिब का बल्‍ला और गेंद से प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा. उन्‍होंने विश्व कप में 606 रन बनाए. साथ ही 10 से ज्‍यादा विकेट भी अपने नाम किए थे. शाकिब पर पहले दो साल का बैन लगाया गया था लेकिन भ्रष्टाचार-निरोधी संहिता के उल्लंघन के तीन आरोपों को स्वीकार करने के बाद उनकी एक साल की सजा को निलंबित कर दिया गया था. Also Read - क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ ने कहा- इस साल टी20 विश्व कप होने की संभावना बेहद कम

डीडब्ल्यू बांग्ला से बातचीत के दौरान शाकिब अल हसन ने कहा, ‘‘मैंने महसूस किया है कि कुछ चीजें हैं जो आप अज्ञानता के कारण भी हल्के में नहीं ले सकते हैं और शायद यही सबसे बड़ा सबक है जो मैंने इस दौरान सीखा है.’’
शाकिब इन दिनों अमेरिका में है और उनका प्रतिबंध इस साल 29 अक्टूबर को खत्म होगा. Also Read - ICC Meeting: टैक्‍स विवाद पर BCCI अधिकारियों से हुआ झगड़ा, CEO ने शुरू की जांच

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह बहुत मुश्किल समय है क्योंकि मेरे दिमाग में हमेशा यह चलते रहता है कि मैं अभी खेल नहीं पा रहा हूं. इस दौरान मेरे लिए अच्छी बात यह रही कि अपने दूसरे बच्चे के जन्म के दौरान मुझे पत्नी के साथ रहने का मौका मिला. जब मेरी बेटी का जन्म हुआ था तब मैं ऐसा नहीं कर सका था.’’