नई दिल्ली. हैदराबाद में खेले पहले वनडे अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम 250 रन से पहले ढेर हो गई तो इसमें सबसे बड़ा हाथ टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का रहा. शमी ने कुछ इस कदर अपना रंग दिखाया कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को होश पाख्ता हो गए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में शमी ने 10 ओवर की गेंदबाजी में 44 रन देकर 2 विकेट लिए, जिसमें मैक्सवेल का बड़ा विकेट भी शामिल रहा. Also Read - KXIP vs RCB: अजीत अगरकर ने विराट के निर्णयों उठाए सवाल, बोले- कभी रेस में ही नहीं थे...

3 स्पेल में शमी की गेंदबाजी Also Read - मैंने कोहली के प्रदर्शन के लिए उसे दोष कब दिया?; पूर्व कप्तान गावस्कर ने दिया अनुष्का शर्मा को जवाब;

मैच में शमी की मचाई सनसनी को समझने के लिए उनकी गेंदबाजी को स्पेल दर स्पेल देखना होगा. शमी को उनके पहले स्पेल में विकेट नहीं मिला लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को छक्के छुड़ाने में कोताही नहीं बरती. पहले स्पेल में शमी ने 4 ओवर फेंके और 2 मेडन के सिर्फ 6 रन दिए. इसके बाद दूसरे स्पेल में वो और असरदार साबित हुए क्योंकि इस बार कम रन देने के साथ साथ उन्होंने 2 बेशकीमती विकेट भी लिए. दूसरे स्पेल में शमी ने 3 ओवर में 12 रन देकर 2 विकेट चटकाए. हालांकि, तीसरे स्पेल में वो थोड़े महंगे रहे और 3 ओवर में 26 रन दिए. Also Read - अनुष्‍का शर्मा को लेकर विवादित बयान पर सुनील गावस्‍कर ने दी सफाई, बोले- मैंने तो सिर्फ…

साल 2019 में शमी चरम पर

शमी की गेंदबाजी फीगर के हिसाब से देखें तो साल 2019 उनके करियर का सबसे बेस्ट साल रहा है. मतलब साल ढंग से शुरू भी नहीं हुआ पर शमी छा चुके हैं. इस साल वनडे में उनका बॉलिंग औसत 19.18 का रहा है जबकि इकॉनोमी रेट 4.68 की और ये दोनों एक कैलेंडर ईयर में उनका सर्वश्रेष्ठ है. शमी जिस फॉर्म में हैं अगर इसे बरकरार रखने में कामयाब रहे तो निश्चित ही वर्ल्ड कप में भारत के लिए वो अचूक हथियार साबित हो सकते हैं.