नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बेईमानियों के लिए मशहूर रही है. स्लेजिंग जैसे कई हथकंडे उनके खेल का हिस्सा बनकर रहे हैं. इसके बारे में हम दूसरी टीमों के खिलाड़ियों से तो कई बार सुन चुके हैं. लेकिन पहली बार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न अपनी नई किताब ‘नो स्पिन’ के जरिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के उस मिजाज और अंदाज को लेकर सामने आए हैं. अपनी किताब में वॉर्न ने अजेय आस्ट्रेलियाई टीम के ड्रेसिंग रूम में बिताये अपने समय के दौरान हुई घटनाओं का खुलासा करने में जरा भी गुरेज नहीं किया. किताब में किए दावे के मुताबिक, शेन वॉर्न को स्टीव वॉ ‘सबसे ज्यादा स्वार्थी’ लगते हैं और ‘बैगी ग्रीन’ कैप के प्रति अंधभक्ति दिखाने से उन्हें चिढ़ होती है. इस किताब के कुछ अंश ‘द टाइम्स’ अखबार में छपे हैं जिसमें इन दावों और खुलासों के बारे में बताया गया है.

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स्टीव को टीम पसंद थी पर मैं नहीं- वॉर्न

वार्न ने लिखा, ‘‘आस्ट्रेलियाई टीम पूर्व कप्तान की जस्टिन लैंगर, मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट के प्रति इतनी श्रद्धा थी,लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं था. ’’ उन्होंने लिखा, ‘‘वे टीम को पसंद करते थे लेकिन ईमानदारी से कहूं तो आधे समय वे मुझसे खिन्न खाए रहते थे. ’’

वेस्टइंडीज दौरे पर दिया दर्द

स्टीव वॉ के बारे में बात करते हुए वार्न ने उस समय के बारे में लिखा है जब उन्हें फार्म में नहीं होने का हवाला देते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान 1999 में टीम से बाहर कर दिया गया था. अपने कप्तान का समर्थन नहीं मिलने से वार्न को लग रहा था कि उन्हें नीचा दिखाया गया. उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा, ‘‘मैं उप कप्तान था और साधारण गेंदबाजी कर रहा था. सलेक्शन कमिटी की बैठक में टुगा (स्टीव वॉ) ने शुरूआत की, फिर कोच ज्योफ मार्श ने कहा, ‘वार्नी, मुझे नहीं लगता कि तुम्हें अगले टेस्ट में खेलना चाहिए. ’’

खराब फॉर्म हवाला देकर टीम से बाहर किया

वार्न ने याद करते हुए लिखा, ‘‘चुप्पी छा गयी. फिर मैंने कहा, ‘क्यों?’ मुझे जवाब मिला, ‘मुझे नहीं लगता कि तुम बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हो.’ मैंने कहा, ‘हां…सही फैसला’. फिर मैंने कहा, ‘मेरा कंधा सर्जरी के बाद ज्यादा समय ले रहा है जबकि मैंने ऐसा नहीं सोचा था लेकिन मैं फार्म में वापसी करने करीब हूं. फार्म धीरे धीरे वापस आ रही है और फिर लय भी आ जायेगी. मैं चितिंत नहीं हूं’. ’’

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मुश्किल वक्त में दोस्त टुगा ने छोड़ा साथ

वार्न ने लिखा, ‘‘निराशा इतना ज्यादा कड़ा शब्द नहीं है. जब मुश्किल का दौर आया तो टुगा ने मेरा समर्थन नहीं किया और उस व्यक्ति ने मुझे नीचा दिखाया, जिसका मैंने इतने समय तक समर्थन किया था और जो मेरा अच्छा दोस्त भी था.’’

कप्तानी के बाद बदल गए थे स्टीव

वॉर्न को लगता है कि कप्तान बनने के बाद वॉ का रवैया बहुत खराब हो गया था. उन्होंने लिखा, ‘‘… मेरे प्रदर्शन के अलावा भी कुछ और घटनायें हुईं – मुझे लगता है कि यह जलन थी. उसने मेरी हर चीज पर टोकाटाकी शुरू कर दी, मुझे मेरी डाइट देखने को कहा और मुझे कहता कि मुझे ज्यादा समय इस बात पर लगाना चाहिए कि मैं अपनी जिंदगी में कैसा व्यक्ति बनना चाहता हूं, किस तरीके से पेश करना चाहता हूं- इस तरह की चीजें. मैंने उससे कहा, ‘दोस्त, तुम अपने बारे में सोचो’. ’’