ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने खुलासा किया है कि कैसे उनका ‘पंटर’ पड़ा. सोशल मीडिया पर एक फैन ने पोंटिंग से इस नाम के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि हमवतन पूर्व टीम साथी शेन वॉर्न ने उन्हें सबसे पहले इस नाम से बुलाना शुरू किया. इसके बाद पोंटिंग को पूरे क्रिकेट जगत में इस नाम से जाना जाने लगा. Also Read - शेन वार्न का दावा, जल्‍द ही भारत के लिए सभी प्रारूपों में खेलेंगे संजू सैमसन

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पोंटिंग ने अपने ऑफिशिल टिवटर हैंडल पर लिखा, ‘1990 में जब हम क्रिकेट अकादमी में रह रहे थे तब हमें प्रति महीने 40 डालर मिलते थे. मैं तब टीएबी में कुत्तों पर पैसा लगाने जाता था और तब शेन वार्न ने मुझे पंटर नाम दिया.’ Also Read - IPL 2020: दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना


ऑस्ट्रेलिया में शब्द पंट का संबंध घोड़ों या कुत्तों की रेस में उन पर शर्त लगाने से माना जाता है. पोटिंग ने ऑस्ट्रेलिया को दो बार अपनी कप्तानी में विश्व विजेता बनाया था. उन्हीं के मार्गदर्शन में दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल के बीते सीजन में लंबे अरसे बाद प्लेऑफ में पहुंची.

‘टीम इंडिया में जल्द वापसी करेंगे पंत’

दिल्ली की टीम का हिस्सा युवा विकेटकीपर रिषभ पंत इस समय बुरे दौर से गुजर रहे हैं और भारतीय टीम की अंतिम-11 से बाहर हैं. पोंटिंग ने युवा खिलाड़ी का समर्थन किया है और कहा है कि पंत अंतिम-11 में जल्द वापसी करेंगे.

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एक प्रशंसक द्वारा ट्विटर पर पंत के ऊपर पूछे गए सवाल के जवाब में पोंटिंग ने लिखा, ‘पंत युवा खिलाड़ी हैं और उनमें बेहतरीन प्रतिभा है. मैं आईपीएल में दोबारा उनके साथ काम करने को तैयार हूं. मुझे पूरी उम्मीद है कि वह कभी न कभी टीम में वापसी जरूर करेंगे.