नई दिल्ली। माइक गैटिंग को सदी की सबसे बेहतरीन गेंद से बोल्ड करके दुनिया को हैरान करने वाले ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर रहे शेन वॉर्न ने अपनी उस गेंद का राज खोला है. 13 सितंबर को 48 साल के हुए वॉर्न ने 4 जून 1993 को एशेज सीरीज के मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के माइक गैटिंग को अपनी घूमती गेंद पर चकमा देते हुए बोल्ड कर दिया था.Also Read - पांचवें एशेज टेस्ट में शून्य पर रन आउट हुए रोरी बर्न्स को रिकी पॉन्टिंग ने लगाई फटकार

वॉर्न की ये गेंद गैटिंग के लेग स्टंप के बाहर गिरी और उनका ऑफ स्टंप ले उड़ी. गैटिंग ही नहीं पूरी दुनिया वॉर्न की गेंद के टर्न को देखकर हैरान रह गई. बॉल ऑफ द सेंचुरी (सदी की सबसे बेहतरीन गेंद) मानी जाने वाली वॉर्न की ये गेंद लगभग 90 डिग्री के कोण तक घूमी थी. Also Read - केपटाउन टेस्ट में विराट कोहली के गुस्सा दिखाने पर शेन वार्न, एडम गिलक्रिस्ट ने दिया बड़ा बयान

वॉर्न ने अपने जन्मदिन के मौके पर ट्विटर पर अपनी उस गेंद की चर्चा करते हुए बताया कि आखिर कैसे उन्होंने इतनी बेहतरीन गेंद फेंक दी थी. वॉर्न ने कहा, बॉल ऑफ द सेंचुरी एक तुक्का थी. मैं फिर कभी ये सफलता दोहरा नहीं सका. एक लेग स्पिनर के तौर पर आप बेहतरीन लेग ब्रेक डालना चाहते थे और मैंने वही करने की कोशिश की थी. ये ऐसी गेंद है जिसे हर स्पिनर फेंकना चाहता है और मुझे गर्व है कि मैंने ये गेंद फेंकी वह भी माइक गैटिंग को, जिन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में और स्पिन खेलने वाले सबसे बेहतरीन इंग्लिश बल्लेबाजों में गिना जाता था. इस गेंद ने मैदान के अंदर और बाहर मेरी जिंदगी बदलकर रख दी’ Also Read - IND vs SA- Virat Kohli का व्यवहार गलत, इससे आप युवाओं के रोल मॉडल नहीं बन सकते: Gautam Gambhir

क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान स्पिनरों में शुमार शेन वॉर्न ने  अपने टेस्ट करियर में 145 टेस्‍ट मैचों में 708 विकेट हासिल किए. उनसे ज्यादा विकेट टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (800 विकेट) के नाम दर्ज हैं. वॉर्न ने अपने टेस्ट करियर में 37 बार पारी में पांच या उससे अधिक विकेट और 10 बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया. वॉर्न ने साथ ही 194 वनडे मैचों में 293 विकेट भी झटके.