ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न (Shane Warne) ने कोरोना वायरस महामारी के बाद गेंद पर लार के इस्तेमाल और बॉल टैंपरिंग को कम करने के लिए भारी गेंदों के इस्तेमाल में लाए जाने का सुझाव दिया है। Also Read - Covid 19 Vaccination: वैक्सीन न लगवाना पड़े इसलिए पेड़ पर चढ़ा युवक, घंटो बाद उतरा जमीन पर

इस महान लेग स्पिनर का वार्न का मानना है कि एक साइड से भारी गेंद तेज गेंदबाजों को फ्लैट विकेट पर भी स्विंग पैदा करने और गेंद से छेड़छाड़ को स्थाई रूप से खत्म करने में मदद कर सकती है। वार्न का ये बयान उन खबरों के संदर्भ में हैं, जिसमें ये कहा जा रहा है कि कोविड-19 के नियंत्रित होने के बाद जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू होगा तो गेंद पर लार के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। Also Read - COVID19 Cases: डेल्‍टा की आशंका के बीच देश में कोरोना के 54,069 नए केस, 1321 मौतों, एक्‍ट‍िव मरीज 6.27 लाख

स्काई स्पोर्ट्स के पोडकॉस्ट में वार्न ने कहा, “गेंद को एक साइड से भारी क्यों नहीं किया जा सकता ताकि वो हमेशा स्विंग करे? ये टेप की गई टेनिस गेंद या फिर लॉन बॉल जैसा होगा।” Also Read - Bangladesh tour of Zimbabwe, 2021: कोरोना के बीच बांग्लादेश करेगा जिम्बाब्वे का दौरा, यहां जानिए पूरा शेड्यूल

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता आप गेंद को वसीम और वकार की तरह कोनों पर घुमाना चाहेंते लेकिन वो स्विंग हो सकती है और गर्मी में बेहद फ्लैट पिच जो कि दूसरे और तीसरे दिन और भी सपाट होगी उस पर सीमर्स को मदद दे सकती है। ये आगे बढ़ने का एक बेहद अच्छा तरीका होगा, जैसा कि आप जानते हैं कि किसी को भी गेंद को कुछ भी नहीं करना होगा।”

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने कहा, “आपको सैंडपेपर या बोतलों के ढक्कन से बॉल टैंपरिंग किए जाने की चिंता नहीं होगी। ये गेंद और बैट के बीच बराबर की प्रतिद्वंद्विता होगी।”

वार्न का कहना है मौजूदा समय में बैट के वजन में आए बदलाव के बाद खेल में असंतुलन आ गया है और गेंदबाजों के लिए चीजें मुश्किल हो गई हैं। एक साइड से भारी गेंद को खेल में लाने से क्रिकेट में संतुलन फिर से आएगा।

उन्होंने कहा, “देखें कि बैट किस तरह बदले हैं। अगर आप 80 के दशक के बैट को देखे और फिर उस बल्ले को देखें जिसके साथ आपने अपना करियर खत्म किया, ये आपके चार पुराने बैट जितना बड़ा है लेकिन बात ये है कि ये हल्का है। तो फिर गेंद को क्यों नहीं बदला गया? इसकी हालत तो और भी खराब है।”