भारत के अनुभवी टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने पिछले 10 साल से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म करते हुए आईटीटीएफ चैलेंजर प्लस ओमान ओपन ट्रॉफी अपने नाम कर लिया है. शरत ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में एक गेम से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए पुर्तगाल के शीर्ष वरीय मार्कोस फ्रेटास को 6-11, 11-8, 12-10, 11-9, 3-11, 17-15 से शिकस्त दी. Also Read - Sharath Kamal ने चौथी बार किया ओलंपिक के लिए क्वालीफाई

37 साल के शरत ने अपना अंतिम आईटीटीएफ खिताब 2010 में मिस्र ओपन के रूप में जीता था. इसके बाद वह 2011 मोरक्को ओपन और 2017 इंडिया ओपन में दो बार सेमीफाइनल में पहुंचे थे लेकिन ट्रॉफी हासिल नहीं कर पाए थे. दूसरी ओर, फ्रेटास ने भारत के हरमीत देसाई को 5-11, 11-9, 6-11, 6-11, 11-8, 13-11, 11-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था. Also Read - COVID-19: ITTF ने सभी इंटरनेशनल टेबल टेनिस टूर्नामेंट 30 जून तक किया स्थगित

कुछ ऐसा रहा था सेमीफाइनल मुकाबला Also Read - भारतीय खिलाड़ी ने IOC से टोक्यो ओलंपिक 2020 को रद्द करने की मांग की

चौथे वरीय शरत ने दो गेम में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए सात सेट तक चले सेमीफाइनल में रूस के किरिल स्काचकोव 11-13, 11-13, 13-11, 11-9, 13-11, 8-11, 11-7 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. उन्होंने एक घंटे आठ मिनट के इस मैच में शानदार फॉर्म दिखाई थी.

शरत 2010 के बाद से किसी आईटीटीएफ टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे. इससे पहले वह 2010 के मिस्र ओपन के फाइनल में पहुंचे थे जहां उन्होंने खिताबी जीत दर्ज की थी.