क्रिकेट की दुनिया में जब कोई खिलाड़ी कदम रखता है तब उसका एकमात्र लक्ष्य भारतीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनना होता है. इस लक्ष्य का पीछा करते-करते उन खिलाड़ियों को कई लेवल से गुजरना होता है. घरेलू क्रिकेट में अपना पसीना बहाने के बाद, हर खिलाड़ी टीम इंडिया के प्लेइंग एलेवेन में शामिल होना चाहता है. जो खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में अपनी कौशलता का लोहा मनवा लेता है, उसे फिर टीम इंडिया के A टीम में शामिल किया जाता है. हाल ही में, सौराष्ट्र क्रिकेट टीम के विकेटकीपर शेल्डन जैक्सन (Sheldon Jackson) ने भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सौराष्ट्र के कई खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, इसके बावजूद किसी भी खिलाड़ी को इंडिया-A का हिस्सा नहीं बनाया गया है. शेल्डन ने ट्वीट कर ये भी बताया कि सौराष्ट्र के खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी हुई है.

शेल्डन ने अपने पहले ट्वीट में लिखा “सौराष्ट्र ने इस साल रणजी ट्रॉफी फाइनल खेला और हैरानी की बात ये है कि हर प्लेटफॉर्म पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को इंडिया-ए टीम में जगह नहीं मिली. तो क्या इससे रणजी ट्रॉफी फाइनल में खेलने की एहमियत जीरो हो जाती है.”

यही नहीं, शेल्डन ने सेलेक्टर्स पर अपना गुस्सा उतारते हुए दूसरे ट्वीट में लिखा “छोटे प्रदेशों की टीमों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, पिछले पांच सालों में सौराष्ट्र ने सितांशु कोटक की कोचिंग में 3 फाइनल खेले हैं लेकिन हमें प्रदर्शन के मुताबिक क्रेडिट नही मिला.”

शेल्डन ने बड़े सलीके से भारतीय क्रिकेट टीम के सेलेक्टर्स को अपने सवालों से घेरते हुए फिर से ट्वीट किया और इस बार उन्होंने सीधा इस प्रणाली की विश्वश्नीयता पर चोट करते हुए लिखा “मैं सवाल नहीं कर रहा हूं, लेकिन मेरा मानना ​​है कि हम इस खूबसूरत संगठन और संघ का प्रतिनिधित्व करते हैं और हम खिलाड़ी ये जानना चाहते हैं कि आखिर हमारे प्रदर्शन में कमी कहां रह जा रही है, या फिर हमारे क्रिकेट करियर में सिर्फ ऐसा ही चलता रहेगा. सेलेक्टर्स को पारदर्शी होना चाहिए.”


ये पहली बार नहीं है जब कोई घरेलू क्रिकेट खेलने वाला खिलाड़ी इस प्रक्रिया से परेशान होकर सवाल पूछने पर आमादा है. भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं को पहले भी कई बार ऐसे सवालों से बांधा जा चुका है.