टी-20 क्रिकेट में शुरुआत के छह ओवर काफी अहम होते हैं क्योंकि दोनों टीमें यहां अच्छी शुरुआत पर नजरें जमाए बैठी रहती हैं. ऑस्ट्रेलिया में अगले साल टी-20 विश्व कप होना है और ऐसे मे भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की सोच साफ है कि पारी की शुरुआत करते हुए उन्हें शुरू से आक्रामक खेल खेलना होगा.

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धवन ने आईएएनएस से खास मुलाकात में कहा कि विश्व कप के लिए उनकी कोई खास रणनीति नहीं हैं क्योंकि वह चीजों को सरल रखना चाहते हैं. धवन ने साथ ही कहा कि वह शुरुआत से तेज खेलने की कोशिश करेंगे न कि विकेट पर पैर जमाने में वक्त गंवाएंगे क्योंकि यह खेल का सबसे छोटा और तेज प्रारूप है.

धवन ने कहा, “एक सलामी बल्लेबाज के तौर पर रणनीति यह होगी कि शुरुआती छह ओवरों में आक्रामक खेल खेला जाए. मैं तेज खेलना पसंद करता हूं लेकिन अगर विकेट धीमी होती है या गेंद रुक कर आती है तो जाहिर सी बात है कि रणनीति में बदलाव करना पड़ता है. अगर हम शुरू के छह ओवरों में 50-55 रन बनाने में सफल रह पाते हैं तो फिर मोमेंटम हमारी तरफ होता है. मेरा काम टीम को अच्छी शुरुआत देना और बड़ा स्कोर करना होगा. स्मार्ट और आक्रामक खेल टी-20 में मेरा मंत्र है.”

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बल्लेबाज से जब पूछा गया कि क्या रोहित शर्मा और उनकी जोड़ी की रणनीति एक का धीमे खेलना और एक का आक्रमण करने की होती है तो धवन ने इससे मना किया.

उन्होंने कहा, “हम स्थिति के हिसाब से खेलते हैं. किसी दिन अगर रोहित अटैक करता है और मेरे बल्ले पर गेंद सही तरह से आ नहीं रही होती है तो बात अलग है. नहीं तो मैं इस बात में विश्वास नहीं रखता कि सिर्फ एक बल्लेबाज को आक्रमण करना चाहिए. अगर आपका खेल आक्रामक है तो आपको वही खेलना चाहिए. साथ ही जब आप दोनों तरफ से आक्रमण करते हैं तो सामने वाली टीम पर दबाव पड़ता है.”