नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा कि वह खेल से संन्यास लेने के बाद पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ेंगे. धवन ने एक समारोह में प्रायोजक संवाददाताओं से कहा, “मैं व्यापार कर रहा होता. एक बार क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मैं व्यापार करुंगा.” समारोह में मौजूद श्रीलंका के पूर्व स्पिन गेंदबाज और इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजी कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि उनके समय में गेंदबाजी करना आसान होता था क्योंकि तब खेल बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में नहीं था. Also Read - ग्रोइन इंजरी से जूझ रहे David Waner को अब क्‍यों आई Bahubali की याद, बताई वजह

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मुरलीधरन ने कहा, ”अब खेल कई तरीकों से आगे बढ़ चुका है. जिस तरह से बल्लेबाज बल्लेबाजी करता है, उसके सामने गेंदबाजी करना आसान नहीं है. हमने अधिक टी-20 नहीं खेला और टेस्ट क्रिकेट में हवा आज की तरह छक्के नहीं मारते. हमारे समय में गेंदबाजी करना आसान था.” मुरलीधरन ने माना कि 1996 विश्वकप जीतना उनके करियर का सबसे बड़ा क्षण था. मुरली ने आगे कहा, “1996 विश्व कप की जीत को मैं श्रीलंका क्रिकेट की सबसे उपलब्धि मानता हूं. सनराइजर्स के लिए 2016 की आईपीएल ट्रॉफी सबसे बड़ी थी.”

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बता दें कि धवन टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी हैं. उन्होंने अब तक 102 इंटरनेशनल वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें 4361 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 13 शतक और 25 अर्धशतक जड़े हैं. धवन का सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 137 रन है. वहीं धवन ने 29 टेस्ट मैच भी खेले हैं. उन्होंने टेस्ट मैचों में 6 शतक और 5 अर्धशतक जड़े. इसके साथ ही 2046 रन भी बनाए हैं. धवन का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 190 रन है. अगर टी-20 इंटरनेशनल मैचों की बात करें तो उन्होंने 36 मैचों में 884 रन बनाए हैं, जिसमें 6 अर्धशतक शामिल हैं.