पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने आखिरकार दानिश कनेरिया के साथ पाकिस्तान टीम में हुए भेदभाव को लेकर दिए बयान पर सफाई पेश की है। दरअसल अख्तर ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा था कि कनेरिया के हिंदू होने की वजह से पाकिस्तान टीम में उनके साथ अलग बर्ताव करते थे। जिसके बाद कनेरिया ने खुद भी इसकी पुष्टि की। वहीं जावेद मियांदाद और इंजमाम उल हक जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने इसका खंडन किया। Also Read - विराट vs बाबर : Shoaib Akhtar की माने तो कवर ड्राइव खेलने के मामले में बाबर से पीछे हैं विराट

अब एक नए वीडियो में अख्तर ने कहा है कि ऐसे केवल कुछ ही खिलाड़ी थे जो कनेरिया को निशाना बनाते थे लेकिन किसी ने उन पर अपना धर्म बदलने के लिए दबाव नहीं डाला। Also Read - पूर्व अंपायर ने ECB पर लगाए नस्लवाद के आरोप; कहा- वो मुझे चुप कराना चाहते हैं

दस मिनट लंबे वीडियो के साथ ट्वीट में अख्तर ने कहा, “मैंने देखा कि मेरे इस बयान, जिसे बिल्कुल अलग तरीके से पेश किया गया, उसको लेकर किस तरह की अफरा-तफरी मची हुई है। मैंने सभी आलोचनाकों को एक-एक प्वाइंट पर गहन प्रतिक्रिया दी है। वीडियो देखें और समझे कि मैं क्या कहना चाह रहा था।”
Also Read - 'नस्लभेद' का शिकार हो चुके Usman Khawaja, कहा जाता था चमड़ी का रंग ठीक नहीं

वीडियो में अख्तर ने पाकिस्तान टीम के कल्चर की तारीफ करते हुए कहा, “ये हमारे कॉन्ट्रेक्ट में ना लिखा गया एक नियम है कि हमें हर खिलाड़ी का सम्मान करना है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसा नहीं करते थे। ये प्लेयर कोड ऑफ कंडक्ट नहीं है। केवल एक-दो खिलाड़ी थी थे जो कि नस्लीय टिप्पणियां किया करते थे।”

पूर्व तेज गेंदबाज ने आगे कहा, “बतौर समाज हमें समझना चाहिए कि ये (नस्लवाद) हमें आगे बढ़ने से रोक रहा है। मैं इस समाज में पैदा हुआ हूं और मैंने यही किया। मैंने उनसे कहा कि अगर आपने (दानिश के धर्म के बारे में) ऐसी बातें बंद नहीं की तो मैं आपको उठाकर बाहर फेंक दूंगा क्योंकि ये हमारा कल्चर नहीं है।”

दानिश के बारे में अख्तर ने कहा, “दानिश ने पाकिस्तान को कई मैच जिताए हैं। दानिश 10 साल तक पाकिस्तान के लिए खेला है। वो मुश्ताक अहमद से पहले खेला, मुझे अब भी लगता है कि वो दो साल और खेल सकता था।”