पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेले जाने को बिना दुल्हन के शादी करने जैसा बताया। दरअसल कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड मैचों का आयोजन करने के विकल्प ढूंढ रहे हैं, जिसमें सबसे ऊपर है- बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में आयोजन करना। Also Read - पब्लिक प्‍लेस पर आईजी मास्‍क पहनना भूल गए, एसएचओ ने किया फाइन, जानें ये सब कैसे हुआ

हालांकि पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेलने से ज्यादा रोमांच नहीं आएगा और इसकी मार्केटिंग करना मुश्किल होगा। Also Read - Coronavirus से भारत चला गया है 15 साल पीछे, भज्‍जी ने फनी वीडियो शेयर कर उड़ाया मजाक

अख्तर ने हेलो लाइव सेशन से कहा, “खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेलना क्रिकेट बोर्ड के लिए आसान और टिकाऊ हो सकता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम इसकी मार्केटिंग कर सकते हैं। खाली स्टेडियम में क्रिकेट खेलना बिना दुल्हन के शादी जैसा है। हमें खेल खेलने के लिए भीड़ चाहिए। मुझे उम्मीद है कि एक साल के भीतर कोरोना की स्थिति सामान्य हो जाएगी।” Also Read - Coronavirus Latest Update: भारत में 1 दिन में रिकॉर्ड संक्रमित मरीज, 9971 नए मामले, 2 लाख 46 हजार पहुंची संक्रमितों की संख्या

सचिन के शतक से चूकने पर दुखी हुए थे अख्तर

अख्तर ने साथ ही कहा कि 2003 विश्व कप में सचिन तेंदुलकर को आउट करने से वह दुखी हैं। सचिन दो रन से शतक से चूक गए थे, हालांकि इसके बावजूद भारत ने छह विकेट से मैच जीत लिया। सचिन ने 75 गेंदों पर 98 रन की अपनी पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया था।

उन्होंने कहा, “मैं बहुत दुखी था क्योंकि सचिन 98 रन पर आउट हो गए थे। यह बहुत खास पारी थी और उन्हें शतक बनाना चाहिए। मैं चाहता था कि वह शतक बनाएं। उस बाउंसर पर अगर वो छक्का लगाते तो मुझे मजा आता, जैसा कि उन्होंने पहले किया था।”