कोरोनावायरस के चलते दुनिया भर में बड़ी संख्‍या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. भारत और पाकिस्‍तान जैसे देशों में लॉकडाउन के चलते गरीबों के लिए भुखमरी के हालात भी पैदा हो गए हैं. पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई के लिये धन जुटाने के मकसद से दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे क्रिकेट सीरीज आयोजित करने का प्रस्ताव रखा. Also Read - कोरोना: देश में संक्रमितों की संख्या 1.5 लाख के पार, आज भी 6 हज़ार से अधिक केस सामने आए, अब तक 4337 की मौत

दोनों देशों के बीच खराब संबंधों के चलते भारत और पाकिस्‍तान की टीमें केवल आईसीसी के टूर्नामेंट व एशिया कप में ही आमने सामने आती हैं. शोएब ने इस्लामाबाद में न्‍यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट से कहा ,‘‘संकट के इस दौर में मैं दोनों देशों के बीच तीन मैचों की सीरीज का प्रस्ताव रखता हूं. पहली बार इस सीरीज का नतीजा कुछ भी निकले, दोनों देशों में से किसी के क्रिकेटप्रेमियों को दुख नहीं होगा.’’ Also Read - Coronavirus: सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले- MP में धीमी हुई मरीजों के दोगुना होने की दर

उन्होंने कहा ,‘‘विराट कोहली शतक जमाता है तो हम खुश होंगे. बाबर आजम शतक ठोकता है तो आप खुश होंगे. मैच का नतीजा जो भी निकले, दोनों टीमें विजयी होंगी. इस मैच को काफी दर्शक मिलेंगे. पहली बार दोनों देश एक दूसरे के लिये खेलेंगे. इससे जो भी पैसा मिले, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिये दोनों देशों में बराबर बांट दिया जाये.’’ Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई

शोएब ने कहा ,‘‘इस समय सभी घरों में बैठे हैं तो वे ये मैच देखेंगे. भले ही अभी नहीं , लेकिन जब हालात दुरूस्त होने लगे तो ये दुबई में खेले जा सकते हैं. इसके लिये चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम किया जा सकता है. इससे दोनों देशों के राजनयिक संबंध भी सुधर सकते हैं.’’

उन्होंने यह भी कहा कि संकट के इस दौर में दोनों देशों को एक दूसरे की मदद करनी चाहिये. ‘‘भारत अगर हमें 10000 वेंटिलेटर देता है तो पाकिस्तान इसे हमेशा याद रखेगा . हम तो सिर्फ मैचों की पेशकश कर सकते हैं. बाकी अधिकारियों को तय करना हैं.’’

पाकिस्तान के स्टार क्रिकेटर शाहिद अफरीदी की चैरिटी की मदद का अनुरोध करने वाले भारतीय क्रिकेटरों युवराज सिंह और हरभजन सिंह की आलोचना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ यह अमानवीय है. इस समय देश या मजहब की बात नही, इंसानियत की बात होनी चाहिये.’’