भारतीय टीम के पूर्व बल्‍लेबाज रॉबिन उथप्‍पा (Robin Uthappa) ने शोएब अख्‍तर (Shoaib Akhtar) के साथ अपने एक पुराने कस्‍से को फैन्‍स के साथ शेयर किया. उथप्‍पा ने हल्‍के फुल्‍के अंदाज में बताया कि अख्‍तर ने मुझे कहा था कि अगली बार अगर मैं उसकी गेंद पर आगे बढ़ता तो मुंह पर ही बीमर झेलनी पड़ेगी. Also Read - विराट vs बाबर : Shoaib Akhtar की माने तो कवर ड्राइव खेलने के मामले में बाबर से पीछे हैं विराट

वेकअप विद सौरभ यू-ट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रॉबिन उथप्‍पा (Robin Uthappa) ने साल 2007 में पाकिस्‍तान के भारत (India vs Pakistan) दौरे पर वनडे सीरीज के बारे में बताया. भारत ने वो सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली थी. Also Read - इंजमाम उल हक: एक वक्‍त था जब भारत-पाक सीरीज एशेज से भी ज्‍यादा पसंद की जाती थी, अब तो...

रॉबिन उथप्‍पा ने कहा, “हम गुवाहाटी में खेल रहे थे. क्‍योंकि मैच पूर्वी भारत में हो रहा था इसलिए अंधेरा जल्‍दी होने लगा. उस समय हमारे पर दूसरी नई गेंद नहीं थी. 34 ओवरों के बाद अक्‍सर हमें इस्‍तेमाल की गई नई गेंद मिलती थी जिससे 24 ओवरों तक गेंदबाजी हो चुकी होती थी. ये गेंद पिछली गेंद के मुकाबले बेहतर होती थी. शोएब अख्‍तर (Shoaib Akhtar) गेंदबाजी कर रहा था. मैं और इरफान पठान बल्‍लेबाजी पर थे. मेरे ख्‍याल से हमें 25 गेंदों पर 12 रनों की जरूरत थी.” Also Read - पाकिस्तान ने क्रिकेट प्रसारण के लिए भारतीय कंपनी का प्रस्ताव ठुकराया, धारा 370 को ठहराया जिम्मेदार

राबिन उथप्‍पा (Robin Uthappa) ने आगे कहा, “मुझे याद है कि शोएब (Shoaib Akhtar) ने मुझे यॉर्कर गेंद फेंकी थी. मैंने उसे डिफेंस किया. गेंद 154 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी. अगली गेंद स्‍लो फुलटॉस थी. मैंने उसपर चौका लगाया. इसके बाद हमें जीत के लिए 3-4 रनों की जरूरत थी. उस समय मैंने खुद से कहा कि मुझे शोएब अख्‍तर की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट लगाना होगा. कितनी बार मुझे ऐसा मौका मिलेगा. फिर उन्‍होंने लेंथ गेंद फेंकी. गेंद बल्‍ले का किनारा लेते हुए पीछे चौके के लिए चली गई और हम मैच जीत गए.”

“इसके बाद हम चौथे वनडे मैच के लिए ग्‍वालियर चले गए. मुझे याद है कि हमने साथ में डिनर किया. हम किसी के रूम में बातचीत कर रहे थे शोएब भाई भी वहीं थे. वो मेरे पास आए और बोले-तुम अच्‍छा खेले. ये शानदार गेम था.”

अखतर (Shoaib Akhtar) ने मुझे आगे कहा, “एक बार और तुमने मेरी आज खूब पिटाई की. अगर तुमने ऐसा दोबारा किया तो मुझे भी नहीं पता कि मैं क्‍या करूंगा. तुम्‍हें शायद सीधे तुम्‍हारे मुह पर बीमर गेंद खेलने को मिलेगी.” उथप्‍पा (Robin Uthappa) ने बताया कि इसके बाद मैंने कभी आगे बढ़ने की हिम्‍मत ही नहीं की.”