कोलकाता : चेतेश्‍वर पुजारा की बल्‍लेबाजी विदेशी पिचों पर टीम इंडिया की जीत का आधार तैयार करती है, लेकिन सौराष्‍ट्र का यह बल्‍लेबाज अनजाने में भारतीय क्रिकेट के भविष्‍य को भी सुरक्षित करने का काम भी कर रहा है. लोग इसे मानें न मानें, लेकिन शुभमन गिल के बयान से तो ऐसा ही लगता है. गिल को भारत के भविष्य के खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है. वे चेतेश्वर पुजारा की ऑस्ट्रेलिया में खेली गई मैराथन पारी से इतने प्रभावित हैं कि उन्‍होंने कहा है कि पुजारा ने युवाओं के लिए ‘बेंचमार्क’ तय कर दिया है. Also Read - India vs Australia: चोटिल Navdeep Saini को स्कैन के लिए भेजा गया

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गिल ने रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप बी मैच के बाद कहा, ‘‘ऐसे बहुत कम बल्लेबाज हैं जो पूरे दिन बल्लेबाजी कर सकते हैं और इतनी गेंदों का सामना कर सकते हैं. पुजारा ने एक दौरे पर 1200 से ज्यादा गेंद खेलीं जो सचमुच बेहतरीन है. दौरे पर 500 रन बनाना संभव दिख सकता है, लेकिन इतनी सारी गेंदों का सामना करना युवाओं के लिये ‘बेंचमार्क’ तय करता है.’’ Also Read - गौतम गंभीर ने कहा- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिया जाय

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उन्होंने कहा, ‘‘चेतेश्वर पुजारा जिस तरह से बल्लेबाजी करते हैं, उसे देखते हुए काफी कुछ सीखा जा सकता है. वह क्रीज पर कितने धैर्य से बल्लेबाजी करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व स्तरीय गेंदबाज थे और उनके खिलाफ इतनी मुश्किल पिचों पर रन बनाना शानदार है. मुझे उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखना पसंद है जबकि आजकल बल्लेबाज तेजी से रन जुटाने की कोशिश में रहते हैं.’’

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गिल जैसे युवा खिलाड़ी यदि भारत की सीनियर टीम में जगह बनाने से पहले ही पुजारा की तरह टिक कर बल्‍लेबाजी करने का अभ्‍यास करें तो टीम इंडिया के लिए विदेशी पिचों पर जीत की राह आसान होगी. उसे वैसी प्रतीक्षा नहीं करनी होगी, जैसी ऑस्‍ट्रेलिया में टेस्‍ट सीरीज में जीत के लिए करनी पड़ी. सीरीज खत्‍म होने के बाद ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के कप्‍तान टिम पेन ने माना कि पुजारा ने जितने रन बनाए, उससे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण उनका विकेट पर टिके रहना रहा. इससे हमारी टीम के गेंदबाजों को लगतार गेंदबाजी करनी पड़ी और सीरीज के खत्‍म होते-होते इसका फायदा भारतीय टीम को मिला.