नई दिल्ली : टीम इंडिया बुधवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी. इसके लिए भारत ने प्रतिभाशाली खिलाड़ी शुभमन गिल को टीम में शामिल किया है. यह पहला मौका है जब शुभमन को भारत की मुख्य टीम में जगह मिली है. शुभमन के घरेलू मैचों के प्रदर्शन को देखते हुए मौका दिया गया. उनमें एक चिंगारी है जो हवा के तेज होने का इंतजार कर रही है और हवा के तेज होते ही वह आग का रूप ले लेगी. यह आग शुभमन के बैट से बरसेगी, जो कि बॉलर्स के लिए बेहद खतरनाक साबित होगी. वो अब तक अंडर-19 और घरेलू मैचों में रन बरसाते रहे हैं, लेकिन वह वक्त आ गया है जब शुभमन इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिभा को साबित करेंगे.

भारत की मौजूदा टीम को देखें तो प्लेइंग इलेवन में शुभमन की जगह नहीं बनती है. लेकिन शिखर धवन या रोहित शर्मा में से किसी एक को आराम दिया गया तो शुभमन को ओपनिंग में मौका मिल सकता है. शुभमन को देखकर भारतीय टीम का 1993-94 का न्यूजीलैंड दौरा याद आता है. इस दौरे पर भारत को सचिन तेंदुलकर जैसा ओपनर खिलाड़ी मिला, जिसने एक मौके को भुनाया और अपनी जगह भारतीय टीम में बतौर ओपनर पक्की कर ली. सचिन ने ओपनिंग में जगह बनाने के साथ ही विश्व क्रिकेट में अपनी एक अलग छवि बनाई.

जब सचिन को 1994 के न्यूजीलैंड दौरे पर ओपनिंग का मौका मिला तब यह कोई नहीं जानता था कि सचिन के लिए यह मौका करियर का सबसे अहम पड़ाव साबित होगा. सचिन इस दौरे के बाद टीम के सबसे महत्वपूर्ण ओपनर के रूप में उभरे.

दरअसल टीम इंडिया 1994 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में वनडे सीरीज खेलने न्यूजीलैंड पहुंची थी. सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले टीम के नियमित ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू अनफिट हो गए. उनकी गर्दन में दर्द था. इस परिस्थिति में भारत के पास ओपनिंग का कोई विकल्प नहीं बचा. लिहाजा टीम को मिडिल ऑर्डर के किसी बैट्समैन को ओपनिंग में लाना था. ऐसे में अजहर और टीम मैनेजमेंट ने सचिन को यह मौका दिया.

सचिन पहली बार वनडे में ओपनिंग करने मैदान पर पहुंचे. उन्होंने इस मुकाबले में शानदार बैटिंग की. सचिन ने 49 गेंदों का सामना करते हुए 82 रन बनाए और ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब भी हासिल किया. उन्होंने इस मौके को सही तरीके से भुनाया और ओपनिंग स्लॉट में जगह पक्की कर ली. इस मुकाबले के बाद टीम इंडिया को एक ऐसा ओपनर बैट्समैन मिला, जिसने क्रिकेट की परिभाषा बदल दी और खुद ‘भगवान’ बन गया.

इससे इतर शुभमन को देखें तो उनके अंदर की प्रतिभा भी कहीं न कहीं हिलोरे मार रही हैं, जो कि इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर आने के बाद एक नया रूप लेने को बेताब है. भारत की मौजूदा टीम देखें तो शुरुआती मैचों में कहीं भी शुभमन की जगह नहीं बनती है. लेकिन अगर उन्हें मौका मिला तो वो निश्चित रूप से इसे भुनाना चाहेंगे. हालांकि शुभमन कई मौकों पर ट्रेलर दिखा चुके है, मगर अब फिल्म की बारी है.

राइट हैंड टॉप ऑर्डर बैट्समैन शुभमन ने भारत की अंडर 19 टीम के लिए कई शानदार पारियां खेलीं. उन्होंने अंडर 19 वर्ल्डकप 2018 में बतौर उप कप्तान भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले गिल ने घरेलू मैचों में जबरदस्त प्रदर्शन कर लगातार दो साल जूनियर क्रिकेटर ऑफ द ईयर के अवॉर्ड को जीता. उन्हें 2013-14 और 2014-15 में बीसीसीआई ने इस अवॉर्ड से नवाजा.

शुभमन का घरेलू मैचों में प्रदर्शन प्रभावी रहा है. उन्होंने फर्स्ट क्लास की 16 पारियों में 77.78 की औसत से 1089 रन बनाए हैं. इस दौरान शुभमन ने 3 शतक और 7 अर्धशतक जड़े. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 268 रन रहा. जबकि लिस्ट ए की 36 पारियों में 1529 रन बना चुके हैं. उन्होंने लिस्ट ए में 4 शतक और 7 अर्धशतक लगाए. लिस्ट में शुभमन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर स्कोर नाबाद 123 रन रहा.