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शुबमन गिल ने किया खुलासा- करियर की शुरुआत में हुई इस घटना के बाद खत्म हो गया बाउंसर का डर

युवा सलामी बल्लेबाज शुबमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

Published: January 24, 2021 4:06 PM IST

By India.com Hindi Sports Desk | Edited by Gunjan Tripathi

शुबमन गिल ने किया खुलासा- करियर की शुरुआत में हुई इस घटना के बाद खत्म हो गया बाउंसर का डर
शुबमन गिल (Twitter)

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के सफल टेस्ट डेब्यू करने वाले युवा सलामी बल्लेबाज शुबमन गिल (Shubman Gill) ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के दौरान पैट कमिंस, जॉश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क वाले पेस अटैक का डटकर सामना किया। गिल ने शॉर्ट पिच गेंदो पर कई खूबसूरत पुल और कट शॉट लगाए लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक समय पर गिल बाउंसर गेंदो से काफी डरते थे।

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पंजाब के इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने अपनी इंडियन प्रीमियर लीग टीम कोलकाता नाइट राइडर्स की आधिकारिक वेबसाइट को दिए बयान में बताया कि वो बाउंसर गेंदो से काफी डरते थे लेकिन मेहनत और स्कूल क्रिकेट की एक घटना ने इस डर को खत्म कर दिया।

गिल ने कहा, “जब मैं छोटा था तो बाउंसर गेंदो से बहुत डरता था। मैं पहले से ही सीने तक आने वाली गेंदो के लिए तैयार रहता था। मैं ड्राइव लगाने का काफी ज्यादा अभ्यास करता था इसलिए मुझे सीधे बल्ले से पुल शॉट खेलना अच्छे से आ गया। मैंने एक और शॉट तैयार किया, जहां मैं थोड़ा पीछे हटकर कट खेलता हूं। मैं शॉर्ट पिच गेंदो से डरता था इसलिए मैं हमेशा गेंद की लाइन से हटकर कट शॉट खेलने की कोशिश करता था। बचपन ने ये दो शॉट मेरे सबसे पसंदीदा था और अब ये मेरे खेल का हिस्सा हैं।”

मोहाली में खेले एज-ग्रुप मैच को याद करते हुए गिल ने कहा, “जब आप को गेंद लग जाती है तो फिर डर खत्म हो जाता है। आपको डर तभी तक लगता है जब तक गेंद नहीं लगती। फिर आपको ये सामान्य लगने लगता है और फिर आपका डर खत्म हो जाता है। जब मैं 9 साल का था जब मुझे अपने से ज्यादा उम्र वाले ग्रुप के साथ मैच खेलने के लिए कहा गया। अकादमी में एक गेंदबाज था जो बहुत तेज था। मैं उसके खिलाफ बल्लेबाजी कर रहा था और डर रहा था कि कहीं मुझे बाउंसर ना पड़े। इसलिए मैं पहले से ही सोच लिया था कि मैं डक करूंगा।”

गिल ने आगे कहा, “उसने बाउंसर डालने की कोशिश की लेकिन गेंद थोड़ा ऊपर पिच हुई। मैं ये जान गया था लेकिन फिर भी थोड़ा झुक गया और गेंद को अपने बल्ले के किनारे से लगकर बाउंड्री की तरफ जाते देखा। मुझे समझ आ गया कि वो उतना तेज नहीं था। उसके बाद मैंने 2-3 बाउंड्री लगाई। इससे मुझे अपना आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली। इस घटना ने मेरे मन से चमड़े की गेंद और बाउंसर का सारा डर निकाल दिया।”

हाल ही में दिए एक बयान में गिल ने ये कहा था कि आईपीएल का 13वां सीजन शुरू होने से पहले उन्होंने पूर्व भारतीय दिग्गज युवराज सिंह के साथ कैंप में हिस्सा लिया था। इस दौरान युवराज ने उन्हें थ्रो डाउन कराए, जिससे उन्हें बाउंसर गेंदो को बेहतर तरीके से खेलने में मदद मिली।

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