भारत के उदीयमान शटलर लक्ष्य सेन ने स्कॉटिश ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का पुरुष एकल खिताब जीत लिया है. लक्ष्य का ये पिछले तीन महीने में चौथी खिताबी जीत है.

Day Night Test के सफल आयोजन के बाद ‘दादा’ ने इंस्‍टाग्राम पर पोस्‍ट की फोटो, बेटी सना ने ही कर दी पापा की खिंचाई

विश्व के 41वीं रैंक के खिलाड़ी लक्ष्य ने स्कॉटिश ओपन के खिताबी मुकाबले में रविवार रात ब्राजील के यगोर कोएल्हो को 56 मिनट तक चले मैच में  18-21, 21-18, 21-19 से पराजित कर दिया.

इससे पहले उत्तराखंड के 18 वर्षीय लक्ष्य ने सारलोरलक्स ओपन, डच ओपन और बेल्जियम इंटरनेशनल का खिताब जीता था. आयरिश ओपन के दूसरे दौर में शिकस्त झेलने के बाद लक्ष्य ने यहां शानदार वापसी की.

ऑस्ट्रिया के लुका व्रेबर को हराकर की थी जीत से शुरुआत

भारतीय खिलाड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रिया के लुका व्रेबर के खिलाफ सीधे गेम में जीत के साथ की और फिर हमवतन किरन जार्ज को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई.

दुनिया के 41वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य ने छठे वरीय ब्रायन यंग को सीधे गेम में हराया और फिर सेमीफाइनल में फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव को शिकस्त दी.

टॉप-40 में पहुंच जाएंगे लक्ष्य

इस जीत से लक्ष्य बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में शीर्ष 40 में जगह बना लेंगे और ग्रेड 2 की शीर्ष प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश के करीब होंगे.

आनंद पवार, अरविंद भट और गोपीचंद जीत चुके हैं स्कॉटिश ओपन खिताब

लक्ष्य से पहले आनंद पवार (2010 और 2012), अरविंद भट (2004) और पुलेला गोपीचंद (1999) स्कॉटिश ओपन का खिताब जीत चुके हैं.

धीमी रही शुरुआत

लक्ष्य ने मुकाबले की धीमी शुरुआत की लेकिन इसके बाद 10-8 की बढ़त बनाने में सफल रहे. कोएल्हो हालांकि लगातार छह अंक के साथ 14-10 से आगे हो गए जिसके बाद उन्होंने पहला गेम अपने नाम किया.

Test Championship: ENG पर पारी से जीत के साथ NZ की बड़ी छलांग, AUS को पछाड़ बनी…

लक्ष्य ने दूसरे गेम में शानदार शुरुआत करते हुए 7-0 की बढ़त बनाई लेकिन ब्राजील के खिलाड़ी ने 17-17 पर स्कोर बराबर कर दिया. भारतीय खिलाड़ी हालांकि अगले पांच में से चार अंक जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में सफल रहा.

तीसरे और निर्णायक गेम में भी कड़ी टक्कर मिली. ब्रेक के समय कोएल्हो 11-8 से आगे थे लेकिन लक्ष्य ने बराबरी हासिल की और फिर गेम और मैच जीतकर खिताब अपनी झोली में डाला.

जीत के बाद लक्ष्य ने कहा, खिताब जीतकर मैं बहुत खुश हूं. मेरे दोस्त यगोर के खिलाफ मुकाबला काफी कठिन था.’