रोमानिया की टेनिस स्टार सिमोना हालेप (26) इस वक्त वर्ल्ड नंबर 1 हैं और वह कनाडा की इयूग्नि बुचर्ड से मुकाबले की तैयारी कर रही हैं. मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया की डेस्टेन आयावा को उन्होंने पहले राउंड में आसानी से हरा दिया था. रोमानिया की टेनिस स्टार सिमोना हालेप आज भले कामयाबी की ऊंचाईयां छू रही हों लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब अपने ब्रेस्ट की वजह से उन्हें खासी मुश्किल का सामना करना पड़ा था. Also Read - Caroline Wozniacki beats Simona Halep to win Australian Open women's title | ऑस्ट्रेलियन ओपन 2018, महिला फाइनल: कैरोलाइन वोजनियाकी पहली बार बनीं ग्रैंड स्लैम चैंपियन

सिमोना हालेप जब 17 साल की थीं जब उन्होंने अपने 34DD ब्रेस्ट की सर्जरी कराई थी. हालेप ने ऐसा अपने ब्रेस्ट को 34C साइज तक लाने के लिए किया था ताकि खेल के दौरान उन्हें मैनेज किया जा सके. इस सर्जरी के बाद से ही हालेप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 500 अंकों की छलांग लगा ली. 2014 में वह नंबर 2 बन गई थीं. इसके बाद अंततः वह पिछले साल अक्टूबर में नंबर 1 पर पहुंच गई थी. Also Read - US Open 2017: Maria Sharapova Beats Simona Halep to enter into second round । यूएस ओपनः 15 महीने के बैन के बाद शारापोवा ने दर्ज की ग्रैंड स्लैम में अपनी पहली जीत

2008 में जब हालेप ने जूनियर फ्रेंच ओपन का खिताब जीता तभी इस 5 फीट 6 इंच की खिलाड़ी को अपने भविष्य पर अहम फैसला लेना पड़ा. उनके बड़े ब्रेस्ट न सिर्फ बैक पेन की वजह बनते थे बल्कि कोर्ट में उनकी मूवमेंट भी रोकते थे. यहीं पर 17 साल की खिलाड़ी ने खेल से कुछ महीने दूर रहकर सर्जरी कराने का फैसला किया. सर्जरी के बाद फिर से करियर शुरू करने के बाद सिर्फ 2 साल में हालेप टॉप 50 में पहुंच गईं. Also Read - French Open 2017: Jelena Ostapenko beat Simona Halep to win first grand slam title । फ्रेंच ओपनः जेलेना ओस्टापेंको ने महिला सिंगल्स खिताब जीतकर रचा इतिहास

हालेप ने एक बार पत्रकारों से कहा था- ‘वह बेहद भारी थे और मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर देते थे. मेरे योग्यता क्विकली रिएक्ट करने की है लेकिन मेरे ब्रेस्ट खेल के दौरान मुझे असहज कर देते थे.’ उन्होंने आगे कहा था कि मैं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इन्हें पसंद नहीं करती हूं. अगर मैं स्पोर्ट्सवुमेन नहीं भी होती, तभी भी मैं सर्जरी जरूर कराती. हालेप ने अभी तक ग्रैंड स्लैम नहीं जीता है लेकिन फ्रेंच ओपन के फाइनल में दो बार पहुंच चुकी हैं, जिसमें पिछले साल का टूर्नामेंट भी है.