सिंगापुर। सिगापुर ओपन बैडमिंटन के पुरुष सिगल्स फाइनल मुकाबले में बी साई प्रणीत ने किदाम्बी श्रीकांत को हरा दिया है. पुरुष एकल वर्ग के फाइनल मुकाबले में 30वीं विश्व वरीयता प्राप्त प्रणीत ने श्रीकांत को 17-21, 21-17, 21-12 से मात दी. यह पहला ऐसा मौका है जब किसी सुपर सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में भारत के दो पुरुष खिलाड़ी आमने-सामने थे. प्रणीत पहली बार किसी सुपर सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे और खिताब अपने नाम किया. दोनों ने शनिवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीत फाइनल में प्रवेश किया था. प्रणीत के करियर का भी यह पहला सुपरसीरीज खिताब है.

पहले गेम की शुरुआत दोनों के बीच रोमांचक रही। एक समय दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 5-5 से बराबरी पर था, लेकिन श्रीकांत ने लगातार चार अंक हासिल करत हुए अपनी 9-5 कर ली. यहां से श्रीकांत ने प्रणीत को एकबार भी बराबरी करने का मौका नहीं दिया और पहला गेम 21-17 से जीत लिया.

पहला गेम हारने और दूसरे गेम में एक समय 2-7 से पिछड़ने के बाद प्रणीत ने अचानक गियर बदला और आक्रामकता तेज कर दी. प्रणीत ने पहले स्कोर 7-7 से बराबर कर लिया. गेम के मध्य में दोनों के बीच एक-एक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली. 13-14 से पीछे चल रहे प्रणीत ने अगले आठ अंक अर्जित करने के दौरान श्रीकांत को सिर्फ तीन अंक लेने दिए और 21-17 से जीत हासिल की.

दूसरा गेम जीत मैच में बराबरी पर आ खड़े हुए प्रणीत ने तीसरे गेम की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की. पहला दो अंक हासिल करने वाले श्रीकांत इसके बाद प्रणीत के आगे जरा भी नहीं टिक सके. प्रणीत ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जल्द ही 10-3 से बड़ी बढ़त ले ली.

श्रीकांत ने थोड़ा संघर्ष तेज किया और प्रणीत को लगातार अंक लेने से रोका, लेकिन प्रणीत स्कोर का अंतर अंत तक कायम रखने में सफल रहे. प्रणीत ने अंतत: श्रीकांत को 21-12 से करारी मात देते हुए न सिर्फ तीसरा गेम जीता बल्कि करियर का पहला सुपरसीरीज खिताब भी हासिल किया.

सिंगापुर ओपन से पहले प्रणीत और श्रीकांत का सामना चार बार एक-दूसरे से हुआ था और श्रीकांत को इसमें सिर्फ एक बार जीत मिली थी. इस जीत के साथ प्रणीत ने श्रीकांत के खिलाफ जीत-हार का आंकड़ा 5-1 कर लिया है. ऐसा पहली बार हुआ जब भारत का कोई दो खिलाड़ी किसी सुपरसीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा हो.


श्रीकांत ने पहले सेमीफाइनल मैच में इंडोनेशिया के एंथोनी सिनिसुका गिनटिंग को एक तरफा मुकाबले में 21-13, 21-14 से मात दी. यह मुकाबला 42 मिनट तक चला. दूसरे सेमीफाइनल में प्रणीत के सामने कोरिया के ली डोंग केयुन की चुनौती थी, जिसे उन्होंने 38 मिनट में बिना किसी दिक्कत के पार किया. प्रणीत ने ली को बेहद आसान मुकाबले में 21-6, 21-8 से मात दी.

चीन, इंडोनेशिया, डेनमार्क के बाद भारत चौथा ऐसा देश है, जिसके खिलाड़ी किसी सुपर सीरीज टूर्नामेंट के पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में आमने-सामने थे. दिलचस्प बात है कि प्रणीत का अपने इस हमवतन खिलाड़ी के खिलाफ जीत का रिकॉर्ड 4-1 का है जिसने 2014 चाइना सुपर सीरीज प्रीमियर और 2015 इंडिया सुपर सीरीज जीतने के अलावा रियो ओलिंपिक के भी क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था.

(एजेंसी इनपुट)