नई दिल्ली : भारतीय महिला टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने मध्यक्रम की बल्लेबाजों के जरूरत के समय पर लगातार विफल होने के बाद स्वीकार किया कि उन्हें लक्ष्य का पीछा करने के दौरान कम से कम 18 से 20 ओवर तक बल्लेबाजी करनी होगी. मंधाना ने 34 गेंद में 58 रन की पारी खेली लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 136 रन पर सिमट गयी. मंधाना ने मैच के बाद कहा, ‘‘मेरे विकेट के साथ जेमिमा का विकेट अहम बन गया था. अगर आप टी20 में लगातार आउट हो जाते हो तो यह मंहगा साबित होता है. जब आप 160 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे हो और रन गति सात या आठ से ऊपर है और ऐसा होता है तो अगली बार आपको बेहतर खेलने की योजना बनानी होती है. आज यह कारगर नहीं रहा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘व्यावहारिक रूप से मैं कहूंगी कि मुझे 20 ओवर तक बल्लेबाजी करनी होगी, यही बेहतर विकल्प है. मैं 18 ओवर तक जितनी देर तक बल्लेबाजी करूंगी, तो हम इतनी जल्दी आउट नहीं होंगे क्योंकि अगर शीर्ष तीन या चार बल्लेबाज कम से कम 18 से 20 ओवर तक खेल लेते हैं तो बाकी खिलाड़ियों के पास भी मौका रहेगा इसलिये तकनीकी रूप से मैं ऐसा करने की कोशिश करूंगी.’’

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मंधाना ने 34 गेंद में 58 रन की पारी खेलकर भारत की ओर से अपने सबसे तेज अर्धशतक बनाने के रिकार्ड को बेहतर किया. यह पूछने पर कि क्या यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था तो उन्होंने कहा, ‘‘आप नहीं जानते कि कौन सा प्रदर्शन आपका सर्वश्रेष्ठ है. मैं खुद को 60 रन तक सीमित नहीं कर सकती और यह नहीं कह सकती कि यह मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. अगर मैं इस लक्ष्य का पीछा कर सकती और अगर भारत को मैच में जीत दिलाती तो ही यह मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होता.’’

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मंधाना ने कहा कि हालांकि उन्होंने अंत में कुछ रन गंवा दिये लेकिन टीम को इस लक्ष्य का पीछा करना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘‘हम करीब सात से कम की रन गति तक पहुंच गये थे, जो अच्छा था लेकिन निश्चित रूप से हमने गेंदबाजी करते हुए अंत में 10-15 अतिरिक्त रन दे दिये. हमने सूजी बेट्स और सोफी डेविने के विकेट हासिल किये. हम नहीं चाहते कि मध्य क्रम रन बनाये लेकिन विकेट अच्छा था और बल्लेबाजों को लक्ष्य हासिल करना चाहिए था.’’