मुंबई: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल को दोबारा मौका मिलना चाहिए. इन दोनों खिलाडि़यों को एक टीवी कार्यक्रम में महिला विरोधी टिप्‍पणियों के चलते ऑस्‍ट्रेलिया दौरे के बीच से ही भारत वापस बुला लिया गया. गांगुली ने कहा कि ‘हमें आगे बढ़ जाना चाहिए’ क्योंकि उन्हें भरोसा है कि ये दोनों इससे सीख लेंगे और बेहतर इंसान बनेंगे.

गांगुली हिंदी फिल्म ’22 यार्ड’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान यहां आए थे. उन्‍होंने कहा कि वह टीवी शो उन्‍होंने नहीं देखा जिसमें पांड्या और राहुल की महिला विरोधी टिप्पणियों के कारण उन पर अस्थायी निलंबन लगा. लेकिन उन्होंने इन दोनों से सहानुभूति भी जताई.

गांगुली ने विवाद के बारे में कहा, ‘‘लोग गलतियां करते हैं, हमें ज्यादा आगे नहीं बढ़ना चाहिए. मुझे भरोसा है कि जिसने भी यह किया है, वो इसे महसूस करेगा और बेहतर इंसान बनेगा. हम इंसान हैं, मशीन नहीं कि हम हमेशा परफेक्ट रहेंगे. हमें आगे बढ़ जाना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा दोबारा नहीं हो.’’

पांड्या और राहुल को निलंबन के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही मौजूदा वनडे सीरीज के बीच में ही लौटना पड़ा और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कई महिलाओं के साथ संबंधों के बयान को ‘अनुचित’ करार किया था. बीसीसीआई ने तब से दो बार उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया और जांच भी शुरू करा दी.

गांगुली ने कहा कि ज्यादातर क्रिकेटर ‘अच्छे व्यक्ति’ हैं. उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेटर काफी नम्र होते हैं. कभी कभार गलतियां हो जाती हैं लेकिन मैं ज्यादातर को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं और वे महान खिलाड़ी हैं.’’

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उन्होंने साथ ही कहा कि ऐसा नहीं है कि आधुनिक युग के क्रिकेटर नम्र नहीं होते. उन्होंने कहा, ‘‘विराट कोहली को देखिए, वह इतना बेहतरीन आदर्श है. भारत इतना भाग्यशाली देश है कि हर पीढ़ी ऐसे खिलाड़ी पैदा करती है जिन्हें हम सभी पसंद करते हैं. सुनील गावस्कर गए तो सचिन तेंदुलकर आए. जब तेंदुलकर गए तो लोगों ने सोचा कि अब कौन होगा, लेकिन अब विराट कोहली आ गया है.’’

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गांगुली ने कहा, ‘‘अधिकतर क्रिकेटर शानदार इंसान हैं क्योंकि वे मध्यम वर्ग से आते हैं और वे काफी मुश्किलात के बाद यहां तक पहुंचते हैं. आप सोच सकते हो कि यह खेल लाखों खेलते हैं लेकिन इनमें से टीम इंडिया में चयन केवल 11 का ही होता है.’’