भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान और मौजूदा समय में बीसीसीआई अध्‍यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) साल की शुरुआत में न्‍यूजीलैंड (India vs New Zealand) दौरे पर मिली वनडे और टेस्‍ट में करारी शिकस्‍त से नाराज हैं. उन्‍होंने कहा कि भारतीय टीम को विदेशों में जीत की आदत डालनी होगी. दादा ने साथ ही यह भी कहा कि वो इस संबंध में कप्‍तान और कोच से बात करेंगे. Also Read - IPL 2020 : रोहित और रैना में होगी आगे निकलने की रेस, सिर्फ धोनी ही लगा पाए हैं छक्कों का दोहरा शतक

स्पोटर्सकीड़ा वेबसाइट से बातचीत करते हुए सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा, “आपको बाहर अच्छा खेलना होगा और वह इस समय ऐसा नहीं कर रहे हैं. इसमें कोई छुपाने वाली बात नहीं है. जब हम बाहर खेलते थे, जब मैं कप्तान था, मैंने कहा था कि मैं सिर्फ इस बात पर परखा जाऊंगा कि हम बाहर कितना अच्छा खेलते हैं और यह अभी तक समान ही है. मैं विराट और रवि से बात करूंगा और खिलाड़ियों से भी और जो मदद हो सकती है करूंगा.” Also Read - ICC Chairman Election : बैठक रही बेनतीजा, अब चुनाव ही आखिरी विकल्प, जानिए पूरी डिटेल

गांगुली (Sourav Ganguly) से जब पूछा गया कि खिलाड़ियों को टीम में अपनी जगह को लेकर असुरक्षा की भावना है तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बीते चार महीनों में यह बदली है. आप देख सकते हैं कि लोकेश राहुल दोनों प्रारूप खेले. मोहम्मद शमी ने तीनों प्रारूपों में वापसी कर ली है. रवींद्र जडेजा हर प्रारूप खेल रहे हैं. रोहित भी सभी प्रारूप खेल रहे हैं. निरंतरता जरूरी है.” Also Read - IPL 2020: केवल चार महीने का होगा नई कंपनी का कांट्रैक्‍ट, BCCI ने बताए टाइटल स्‍पॉन्‍सरशिप पाने के नियम

गांगुली (Sourav Ganguly) ने भारतीय खिलाड़ियों के विदेशी लीगों में खेलने की बात पर भी चर्चा की और कहा कि इस बात पर बोर्ड चर्चा कर रहा है. हाल ही में स्पिनर प्रवीण ताम्बे ने कैरीबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) की टीम त्रिनिबागो नाइट राइडर्स के साथ करार किया है.

गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा, “हमने कुछ खिलाड़ियों को मंजूरी दी है. युवराज पिछले साल खेले थे. यह ऐसी चीज है जिस पर हमें चर्चा करनी होगी. हमें प्रैक्टिकल होना होगा, लेकिन हमें साथ ही आईपीएल को लेकर भी सोचना होगा. हमें संतुलन बनाना होगा. लेकिन अगर आप संन्यास ले चुके हो तो आपको खेलने को नहीं मिलता है. यह मेरे साथ हुआ था. मैं सिर्फ आईपीएल खेल रहा था और मुझे बिग बैश लीग, इंग्लैंड, बांग्लादेश से प्रस्ताव मिल रहे थे. मैंने सोचा था कि मैं जाकर दो साल खेलूंगा लेकिन मुझे मंजूरी नहीं दी गई. लेकिन तब से 2010 से ब्रांड बढ़ रहा है. इस खेल ने मुझे सबकुछ दिया है. मैंने कहा ठीक है अगर यही है तो मैं आईपीएल में ही रहूंगा. इसलिए मैं नहीं खेला.”