भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद टी20 मैच से पहले दिए बयान में दर्शकों से युवा विकेटकीपर रिषभ पंत (Rishabh Pant) के प्रति सम्मान दिखाने की गुजारिश की। कप्तान का इशारा पंत के मैदान पर कोई गलती करने के बाद स्टेडियम में लगने वाले धोनी-धोनी के नारों की तरफ था। हालांकि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का मानना है कि पंत को इस अनुभव से गुजरने देना चाहिए।

इंडियाटुडे इन्क्लेव में आए बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा, “ये उसके लिए अच्छा है क्योंकि वो इसका आदी हो जाएगा। मुझे निजी तौर पर लगता है कि दबाव ऐसी चीज है जिसकी उसे आदत डालनी होगी। पिछले साल जब वो दिल्ली के लिए खेला तो वो टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक था। वो दर्शकों से भरे स्टेडियम में खेला। जिम्मेदारी उठाना उसकी समस्या नहीं है। अगर मैं विराट कोहली होता तो उसे इससे गुजरने देता, उसे ये सुनने देता और यहां से सफलता का रास्ता ढूंढने देता।”

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पूर्व कप्तान ने धोनी की तुलना पंत से करने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि धोनी जैसा खिलाड़ी जिंदगी में एक बार ही मिलता है और उन्होंने जो हासिल किया है उस तक पहुंचने में पंत को 15 साल लगेंगे।

गांगुली ने कहा, “सभी को याद रखना चाहिए कि आपको हर रोज धोनी नहीं देखने को मिलता है। वो एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला क्रिकेटर है। एमएस धोनी ने जब शुरूआत की थी तो वो भी धोनी नहीं था। उसे एमएस धोनी बनने में 15 साल लगे। रिषभ पंत को एमएस धोनी की उपलब्धियों के करीब पहुंचने में 15 साल लगेंगे।”