आज से 24 साल पहले, 20 जून 1996 को दो महान खिलाड़ियों सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने एक साथ भारतीय टेस्ट टीम में कदम रखा था। लॉर्ड्स के मशहूर स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में शतक लगाकर गांगुली ने अपने सफल करियर की शुरुआत की थी। वहीं 95 रन की पारी खेलने वाले द्रविड़ पांच रन से शतक लगाने से चूक जाते हैं। हालांकि गांगुली लॉर्ड्स की बॉलकनी पर खड़े होकर द्रविड़ के शतक का इंतजार कर रहे थे। Also Read - आईपीएल में रिकॉर्ड करार के बावजूद जिंदगी नहीं बदली : पैट कमिंस

आईसीसी ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें गांगुली ने उस मैच को याद करते हुए कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मेरा प्रदर्शन भी ठीक था। द्रविड़ जिस समय बल्लेबाजी करने आए थे, उस समय मैं 70 रन बना चुका था। मुझे अभी भी याद है कि मैंने प्वाइंट पर कवर ड्राइव लगाकर अपना शतक पूरा किया था और वह दूसरे छोर पर थे। मैंने 131 रन बनाए और चायकाल के एक घंटे बाद मैं आउट हो गया था। लेकिन उन्होंने अपनी पारी को जारी रखा।” Also Read - विराट कोहली के खिलाफ दर्ज हुए हितों के टकराव मामले की शिकायत की होगी जांच

पूर्व कप्तान ने आगे कहा, “जब अगली सुबह वो बल्लेबाजी करने आए तो वो 95 रन बना चुके थे और मैं लॉर्डस की बालकनी में इस उम्मीद के साथ खड़ा था कि द्रविड़ शतक बनाएंगे।” Also Read - 'सचिन तेंदुलकर के 'शतकों के शतक' का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं विराट कोहली'

इसी वीडियो में द्रविड़ ने कहा, “उस मैच में वह (गांगुली) नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए थे और मैं नंबर सात पर। इसलिए मेरे पास उनकी बल्लेबाजी को देखने का बहुत समय था। मुझे उनके लिए बहुत अच्छा लगा क्योंकि उन्होंने शतक जड़ दिया था। मेरे पास भी शतक पूरा करने का मौका था। इसलिए जब वो आउट हुए थे तो मुझे, जो उनसे थोड़ी प्ररेणा और साहस मिली थी, उसका मैंने इस्तेमाल किया।”

बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष गांगुली ने द्रविड़ की तारीफ करते हुए कहा, “मैंने उन्हें अंडर-15 से खेलते हुए देखा है और फिर रणजी ट्रॉफी में एकसाथ खेले। मैंने उन्हें ईडन गार्डन्स में डेब्यू करते हुए देखा था और फिर लॉडर्स में डेब्यू करते हुए देखा। इसलिए मैंने उनके करियर को काफी करीब से देखा है। ये बेहद शानदार होता अगर दोनों शतक बना लेते तो।”