पर्थ, 7 नवंबर: पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क और तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन ने निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) की आलोचना की है। यहां वाका मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में मिशेल मार्श को विवादित तरीके से पगबाधा आउट करार दिया गया था। इसी कारण क्लार्क और जॉनसन ने डीआरएस की आलोचना की है और उसे असफल बताया है।

मैच के पांचवें एवं अंतिम दिन मार्श के खिलाफ कागिसो रबाडा की गेंद पर की गई पगबाधा की अपील को मैदान पर मौजूद अंपायर ने नकार दिया था। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने रिव्यू मांगा था और इसके बाद मार्श को पवेलियन लौटना पड़ा था। इसी फैसले के बाद क्लार्क, जॉनसन और मार्क टेलर ने डीआरएस को आड़े हाथों लिया है।

चैनल-9 पर कॉमेंट्री करते हुए क्लार्क ने कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि गेंद स्टम्प पर नहीं थी। जब मैंने रिप्ले को देखा तो सोचा कि यह काफी दूर है और लेग स्टम्प के पास भी नहीं है। वह (मार्श) इससे काफी निराश होंगे। गेंद पहले उनके पंजे में लगी फिर पैड पर और इसके बाद बल्ले पर।” यह भी पढ़ें: कोहली और अश्विन भारत के लिए निर्णायक साबित होंगे: कपिल देव

क्रिकेट आस्ट्रेलिया की वेबसाइट के मुताबिक, क्लार्क और टेलर ने गेंद को पकड़ने की तकनीक पर सवाल उठाए हैं। टेलर ने कहा, “वह नॉट आउट दिए गए और तकनीक ने फैसला बदलते हुए उन्हें आउट करार दिया। ऐसा लग रहा था कि गेंद थोड़ी पास है और स्टम्प के बाहर की सीमा से 50 फीसदी के करीब जिसके कारण फैसले को बदलते हुए आउट दिया गया।”

पूर्व कप्तान ने कहा, “मेरा मानना है कि गेंद स्टम्प से दूर थी लेकिन मिशेल मार्श दुर्भाग्यशाली साबित हुए।” मार्श जब आउट हुए तब दूसरे छोर पर उस्मान ख्वाजा बल्लेबाजी कर रहे थे। ख्वाजा ने इस फैसले पर पर सवाल उठाए हैं। दक्षिण अफ्रीका ने पहला टेस्ट 177 रनों से जीत तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त ले ली है।