भारतीय शटलर प्राजक्ता सावंत ने दक्षिण एशियाई खेलों (सैग) के लिए चुनी गई टीम के चयन पर सवाल उठाया है. प्राजक्ता का कहना है कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए ऐसे खिलाड़ियों को भारतीय टीम में चुना गया है जो घरेलू टूर्नामेंट भी नहीं खेले.

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भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) ने हालांकि किसी तरह के भेदभाव के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि खिलाड़ियो का चयन तय पात्रता नियमों के आधार पर किया गया.

प्राजक्ता ने कई ट्वीट करते हुए टीम के चयन पर सवाल उठाए और बीएआई के अध्यक्ष हिमांत बिस्व सरमा से इस मामले को देखने की अपील की.

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प्राजक्ता ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘अनौपचारिक रूप से सैफ (सैग) खेलों की टीम पर पहले ही फैसला हो चुका है. खिलाड़ी नेपाल पहुंचने की कहानियां इंस्टाग्राम और फेसबुक पर डाल रहे हैं. किस आधार पर चयन किया गया?’


उन्होंने लिखा, ‘क्या भारतीय टीम के लिए सिर्फ गोपीचंद अकादमी के खिलाड़ी खेलेंगे? जिन्होंने अखिल भारतीय टूर्नामेंटों तक में हिस्सा नहीं लिया और उन्हें सीधा भारतीय टीम में चुना गया. कृपया जवाब दीजिए.’

‘बीएआई ने तय चयन पात्रता के आधार पर टूर्नामेंट के लिए टीम का चयन किया है’

सरमा ने हालांकि स्पष्ट किया कि टीम के चयन में कोई भेदभाव नहीं किया गया.

सरमा ने पीटीआई से कहा, ‘बीएआई ने तय चयन पात्रता के आधार पर टूर्नामेंट के लिए टीम का चयन किया है. दक्षिण एशियाई खेलों के लिए भी टीम का चयन तय चयन पात्रता के आधार पर किया गया है जो बीएआई द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय और केरल उच्च न्यायालय में दायर हलफनामे के अनुसार है. किसी का पक्ष नहीं लिया गया.’


सैग खेलों में बैडमिंटन के मुकाबले रविवार से खेले जाएंगे जबकि एकल मैच तीन दिसंबर से शुरू होंगे.