नई दिल्ली। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम अब पुनरूद्धार के बाद चहुंमुखी विकास पर ध्यान लगाएगा जो अब तक केवल बुनियादी विकास पर ही काम करता था. सरकार ने मंत्रालय द्वारा पिछले साल लांच किए गए खेलो इंडिया के पुनरूद्धार के मद्देनजर तीन साल के लिए 1,756 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. Also Read - टोक्यो ओलंपिक रद्द करने की ऑनलाइन याचिका दायर; IOA को यकीन- मेजबानी के पक्ष में बदलेगी जनता की राय

इस कार्यक्रम को व्‍यक्तिगत विकास, सामुदायिक विकास, आर्थिक विकास और राष्‍ट्रीय विकास के रूप में खेलों को मुख्‍य धारा से जोड़े जाने के फलस्‍वरूप भारतीय खेलों के इतिहास में यह एक उल्‍लेखनीय उपलब्‍धि का क्षण है. Also Read - अगर लोगों की जिंदगी खतरे में है तो टोक्यो ओलंपिक खेलों के आयोजन पर दोबारा चर्चा हो: नाओमी ओसाका

पुनरूद्धार किए गए कार्यक्रम का प्रभाव संरचना, सामुदायिक खेल, प्रतिभा की खोज, उत्‍कृष्‍टता के लिए कोचिंग, प्रतिस्‍पर्धागत ढांचा और खेल की अर्थव्‍यवस्‍था सहित सम्‍पूर्ण खेल प्रणाली पर पड़ेगा. 

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राठौड़ ने हाल में यह पदभार संभाला है, उन्होंने कैबिनेट बैठक के बाद कहा, ‘‘इसमें समग्र दृष्टिकोण की जरूरत है जिससे स्कूलों से ओलंपिक तक का रास्ता तैयार होगा.’’ अब इस योजना के अंतर्गत प्रत्‍येक खिलाड़ी को लगातार आठ वर्षों के लिए पांच लाख रुपये राशि की वार्षिक छात्रवृति दी जाएगी.