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नई दिल्ली: अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान अधिकारी और खिलाड़ियों के परिजन सरकारी खर्च पर तफरीह नहीं कर सकेंगे क्योंकि इस बार खेल मंत्रालय अधिकारियों के दल में कटौती करने जा रहा है. 4 अप्रैल से शुरू हो रहे गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के लिये 222 खिलाड़ियों और 106 अधिकारियों के दल की अनुशंसा भारतीय ओलंपिक संघ ने खेल मंत्रालय को भेजी है जिसे अभी खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मंजूरी मिलना बाकी है. Also Read - BJP ने हदें पार कर दीं, हम जीवन बचाने में लगे हैं और वे सरकार गिराने में: CM गहलोत

खेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इन 106 अधिकारियों में 57 कोच, 19 मैनेजर और 41 अन्य अधिकारियों के नामों की अनुशंसा है जिनमें से 41 अन्य की समीक्षा की जा रही है और करीब 20 नाम कटने की संभावना है. उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया ,‘अगले एक या दो दिन में इस पर फैसला आ जाएगा लेकिन यह तय है कि इस बार सरकारी खर्च पर कोई अधिकारी या खिलाड़ियों के परिजन राष्ट्रमंडल खेलों में सैर सपाटा नहीं कर सकेंगे. जिनकी कोई उपयोगिता खिलाड़ियों के लिए नहीं है, उन्हें कतई सूची में शामिल नहीं किया जाएगा.’ Also Read - राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की प्रक्रिया में हुई देरी, जानिए पूरी डिटेल

अधिकारी ने कहा ,‘पहले भी ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कई ऐसे अधिकारी दल में शामिल होते हैं जिन्हें खेल परिसर में प्रवेश की अनुमति तक नहीं होती. वे किस तरह से खिलाड़ियों की मदद करेंगे. इसके अलावा बड़े-बड़े खिलाड़ी अपने परिजनों को मेंटर या मैनेजर बनाकर ले जाते हैं जबकि वे खुद उनका खर्च उठा सकते हैं.’

उन्होंने कहा कि खेलमंत्री ने खुद इस मामले में सख्त रवैया अपनाने को कहा है जिसमें फोकस खिलाड़ियों पर रहेगा लेकिन सरकारी धन का दुरूपयोग मुफ्त के सैर सपाटे पर नहीं होगा. उन्होंने कहा,‘किसी भी खिलाड़ी का कोई रिश्तेदार किसी भी भूमिका में दल में शामिल नहीं होगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि खिलाड़ियों और अधिकारियों का अनुपात बरकरार रहे. आखिर सरकार हवाई किराये, भत्ते पर खर्च कर रही है तो सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं होने देंगे.’

अधिकारी ने यह भी कहा कि अधिकारियों की संख्या में कटौती के यह मायने नहीं है कि खिलाड़ियों की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने जहां निजी कोचों, ट्रेनर, फिजियो की मांग की है तो वाजिब मांगों को मंजूरी मिली है. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ खेल महासंघों ने कोटा से इतर कोचों की मांग की थी और सरकार ने 10 अतिरिक्त कोचों को भी भेजने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा, ‘हमने 10 अतिरिक्त कोचों को भेजने का फैसला किया है जिनकी मांग विभिन्न खेल महासंघों ने की थी. इनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी. इनमें हॉकी में एक, मुक्केबाजी में पांच, भारोत्तोलन में एक और स्क्वैश में एक ( महिला कोच) शामिल है.’’ ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल में भारत के 215 खिलाड़ियों और 90 अधिकारियों का दल गया था. भारत 15 स्वर्ण, 30 रजत और 19 कांस्य समेत 64 पदक लेकर पांचवें स्थान पर रहा था.