भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का कहना है ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की टेस्ट श्रृंखला शुरू होने से पहले 14 दिन के अनिवार्य पृथकवास के कारण बीसीसीआई वेस्टइंडीज और पाकिस्तान की तरह ही बड़ी टीम भेजने के लिए बाध्य हो सकता है। Also Read - Coronavirus Cases In India: कोरोना संक्रमण के मामलों में आई कमी, 24 घंटे में 62 हजार से अधिक लोग संक्रमित, 2,542 लोगों की मौत

इंग्लैंड दौरे पर 29 खिलाड़ियों के साथ पहुंचा है पाकिस्तान ण् Also Read - COVID 19 Unlock: पंजाब, बिहार, राजस्थान समेत इन राज्यों में आज से अनलॉक शुरू, जानें कहां क्या खुला

प्रसाद के अनुसार अच्छा यही होगा कि कम से कम 26 सदस्यीय मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया भेजी जाए जहां भारत और ‘ए’ टीमों को एक महीने के लिए एक साथ रखा जा सकता है। इंग्लैंड में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए पाकिस्तान 29 खिलाड़ियों (जिसमें सफेद गेंद के विशेषज्ञ भी शामिल) की टीम के साथ पहुंचा और वेस्टइंडीज की टीम में 26 खिलाड़ी हैं। Also Read - राज्यों में शुरू हुआ Unlock कहीं तीसरी लहर को न दे दे दावत! दिसंबर 2021 तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियों के पक्ष में एक्सपर्ट्स

फरवरी तक चयन समिति प्रमुख रहे प्रसाद ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘टीम प्रबंधन और सीनियर खिलाड़ियों के पास युवाओं को देखने का मौका होगा जो टीम में जगह बनाने के लिए तैयार हैं। ’

उन्होंने कहा, ‘इस प्रक्रिया में, आप इन खिलाड़ियों पर निगरानी भी रख सकते हो जो भविष्य में विभिन्न स्थानों के लिये संभावित खिलाड़ी हो सकते हैं। ’ इस 26 खिलाड़ियों की टीम से सुनिश्चित होगा कि भारत को दो ग्रुप में विभाजित किया जा सकता है और पृथकवास समय के दौरा एक अभ्यास मैच खेला जा सकता है।

‘हम नेट गेंदबाजों पर भरोसा नहीं कर सकते’

प्रसाद ने कहा, ‘कोविड के कारण हम नेट गेंदबाजों पर भरोसा नहीं कर सकते तो बड़े दल के साथ जाना आदर्श स्थिति होगी क्योंकि इससे हम सभी खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं क्योंकि वे जैविक रूप से सुरक्षित वातावरण में होंगे।’

उन्होंने कहा, ‘अगर कोई कोविड-19 पॉजिटिव पाया जाता है तो इस दल में खिलाड़ियों को चुना जा सकता है क्योंकि वे अनिवार्य पृथकवास समय बिता चुके होंगे।’ प्रसाद का मानना है कि यह मुख्य टीम के लिए अच्छी तैयारी होगी क्योंकि पहली पसंद वाले बल्लेबाजों के पास गेंदबाजी अभ्यास के लिये कई गेंदबाज होंगे।

उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि हमारे मुख्य गेंदबाजों के लिए, उनके पास भी गेंदबाजी के लिए नए बल्लेबाज होंगे। जैसे श्रेयस अय्यर काफी आक्रामक है और कभी कभार ‘गैर पारंपरिक’ हो सकता है। इसलिए वह काफी विविधता ला सकता है जो शायद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पास हों।’

‘कुछ रिजर्व तेज गेंदबाज भी आदर्श होंगे’

कुछ रिजर्व तेज गेंदबाज भी आदर्श होंगे क्योंकि टीम के मुख्य गेंदबाज जैसे जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और उमेश यादव नेट गेंदबाजों की अनुपस्थिति में थकेंगे नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘साथ ही अगर आईपीएल इस श्रृंखला से पहले होगा तो बड़ा दल ले जाना बेहतर होगा क्योंकि हमें ‘बैक अप’ के लिए तैयार होना चाहिए, कहीं कोई चोटिल हो जाए या फिर आईपीएल में ही हल्की चोट लगी हो.